अनुज कुमार पांडेय/ गोपालगंज। कुचायकोट थाना क्षेत्र के सिरसिया बाजार में सनसनीखेज मुस्तफा हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनकी पहचान विशंभरपुर थाना क्षेत्र के शंभू यादव और लालबाबू यादव के रूप में हुई है। जांच में हत्या की वजह अवैध संबंध और शादी को लेकर उपजा विवाद सामने आया है।

​साजिश और वारदात का खुलासा

पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि मृतक मुस्तफा का एक युवती से संबंध था और वह उस पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। युवती की शादी कहीं और तय होने पर मुस्तफा ने युवती के पिता और होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसी बीच मुस्तफा की दबंगई और उसके दावों से परेशान होकर आरोपियों ने उसे ही मौत के घाट उतारने की साजिश रच डाली। योजनाबद्ध तरीके से मुस्तफा को बहाने से ले जाकर धारदार हथियार से उसका गला काट दिया गया और शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसके सिर को धड़ से अलग कर 400 मीटर दूर फेंक दिया गया था।

​पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

मृतक मुस्तफा गांव में अकेले रहता था जबकि उसकी पत्नी हाजरा खातून सिवान में रह रही थीं। 11 जून की शाम अंतिम बार फोन पर बातचीत के बाद मुस्तफा का मोबाइल बंद हो गया था। अनहोनी की आशंका में पत्नी जब 13 जून को गांव पहुंची तो तलाश के दौरान विजयपुर दिगर गांव के पास खेत से उसका शव मिला। परिजनों की पहचान के बाद विशंभरपुर थाने में मामला दर्ज किया गया।

​पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ चंदन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने शंभू यादव और लालबाबू यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार, खून से सने कपड़े और मृतक का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, अभी मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।