मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. आगामी नवंबर महीने में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक और प्रसिद्ध 14 कोसी परिक्रमा को भव्य, सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए अयोध्या जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. इसी कड़ी में जनौरा नाका स्थित परिक्रमा मार्ग पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नजूल की जमीन पर अवैध रूप से बने तीन मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.

कार्रवाई के दौरान प्रभावित गृहस्वामियों मुरारी यादव और मिथिलेश सहित अन्य स्थानीय लोगों ने डिमोलिशन का विरोध किया और रोकने का प्रयास किया. हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और बिना किसी रुकावट के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को पूरा कराया.

इसे भी पढ़ें : अखिलेश का ‘कन्या विद्याधन’ फिर शुरू करने का दावा, छात्राओं को मिलेंगे 50 हजार!

मामले पर प्रशासनिक पक्ष रखते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ध्वस्त किए गए तीनों मकान नजूल (सरकारी) भूमि पर निर्मित थे.​ मुआवजा, प्रशासन द्वारा संबंधित मकान मालिकों को नियमानुसार मुआवजा राशि का पूर्व में ही भुगतान किया जा चुका है..अदालती आदेश: प्रभावित पक्ष द्वारा मामले को उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में ले जाया गया था. कोर्ट से प्राप्त स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ही यह विधिक कार्रवाई की गई है.

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अमित भट्ट तथा सीओ सिटी श्रेयश त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे. नवंबर में आयोजित होने वाली 14 कोसी परिक्रमा में देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुगम रहे, इसके लिए परिक्रमा मार्ग को समय रहते चौड़ा और व्यवस्थित किया जा रहा है.