सोहराब आलम, मोतिहारी। कोर्ट जा रहे एक अधिवक्ता (वकील) पर कुछ असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय वकील समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। वकीलों ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता कुणाल कुमार तिवारी रोजाना की तरह अपने घर से मोतिहारी कोर्ट जा रहे थे। रास्ते में कुछ अज्ञात और दबंग किस्म के लोगों ने उन्हें अचानक रोक लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस सुनियोजित हमले में वकील कुणाल कुमार तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें स्थानीय लोगों और सहयोगियों की मदद से मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
वकीलों में नाराजगी और प्रेस कॉन्फ्रेंस
जैसे ही कचहरी परिसर में वकील कुणाल कुमार तिवारी पर हमले की खबर फैली, वकीलों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के विरोध में एडवोकेट कुमार पंकज तिवारी ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि एक अधिवक्ता पर इस तरह का हमला पूरी तरह से निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे जिला वकील समुदाय में गहरा गुस्सा है। वकीलों का साफ तौर पर कहना है कि यदि न्याय के पहरेदार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम
वकील संघ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संघ की मुख्य मांगें हैं:
- शीघ्र गिरफ्तारी: नामजद और पहचाने गए सभी हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- निष्पक्ष जांच: पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करे।
- सुरक्षा की गारंटी: घायल वकील को न्याय दिलाया जाए और कचहरी आने-जाने वाले सभी वकीलों की सुरक्षा पुख्ता की जाए।
वकील संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तयशुदा 48 घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो वकील समुदाय चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। इस आंदोलन के तहत कचहरी परिसर में प्रदर्शन के अलावा न्यायिक कामकाज से पूरी तरह दूरी बनाने यानी कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
पुलिस कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल, इस सनसनीखेज वारदात के बाद मोतिहारी पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तफ्तीश में जुटी है, लेकिन वकीलों की नजरें अब पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में मोतिहारी की न्याय व्यवस्था ठप हो सकती है।


