पटना। नवरात्र के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है। भाजपा ने तेजस्वी यादव की तुलना 10 सिर वाले रावण से करते हुए उन पर बिहार की जनता को गुमराह करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा को अपने गिरेबान में झांकने की सख्त नसीहत दी है।

​दस सिर-दस झूठ: भाजपा का सोशल मीडिया पर तीखा हमला

​भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विवादित पोस्ट साझा करते हुए तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तेजस्वी की तस्वीर के प्रतीकात्मक संदर्भ में लिखा, तेजस्वी यादव का रावण रूप अब छिप नहीं रहा-दस सिर, दस झूठ।
​भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव युवाओं को रोजगार देने के नाम पर केवल खोखले वादे करते आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजद का मुख्य एजेंडा अपराधियों को संरक्षण देना और बिहार में एक बार फिर ‘जंगलराज’ जैसी स्थिति पैदा करना है। नीरज शर्मा के अनुसार, तेजस्वी यादव की राजनीति परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर टिकी है, जो राज्य को वापस अंधेरे और पिछड़ेपन की ओर धकेलने का काम कर रही है।

​लैंड फॉर जॉब्स पर घेरा, जमीनें वापस करने की मांग

​इस हमले को और तीखा बनाते हुए भाजपा ने लैंड फॉर जॉब्स (नौकरी के बदले जमीन) घोटाले का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रवक्ता ने लालू परिवार पर सीधा निशाना साधते हुए मांग की कि नौकरी देने के बदले गरीबों और पिछड़ों से जो जमीनें ऐंठी गई थीं, उन्हें तुरंत वापस किया जाना चाहिए। भाजपा का दावा है कि बिहार की जनता अब पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और इस अन्याय के खिलाफ खड़ी है।

​राजद का पलटवार: 17 महीने बनाम 18 साल का हिसाब

​भाजपा के इस वार पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने तेजस्वी यादव के 17 महीने के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार के दौरान राज्य में नफरत की राजनीति का अंत हुआ था और भाईचारे को बढ़ावा मिला था।
​राजद प्रवक्ता ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में 5.5 लाख युवाओं को नौकरियां दीं, 3.5 लाख रिक्तियों का रास्ता साफ किया और महज 70 दिनों के भीतर 2.17 लाख शिक्षकों की ऐतिहासिक बहाली करके दिखाई। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने कार्यकाल और केंद्र सरकार की नाकामियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।