पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करने वाले हैं। इस बार इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन गुजरात के बनासकांठा जिले से किया जाएगा, जहां से प्रधानमंत्री देश भर के पात्र किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए राशि ट्रांसफर करेंगे। इस वित्तीय सौगात के तहत अकेले बिहार के 73 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में कुल 1476 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि सीधे भेजी जाएगी।

​ पीएम-किसान उत्सव दिवस का आयोजन

​बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस खास अवसर पर राजधानी पटना के प्रतिष्ठित ज्ञान भवन में एक भव्य राज्यस्तरीय ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई अन्य गणमान्य नेता और कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल किसानों के खातों में समय पर सहायता राशि पहुंचाना है, बल्कि कृषि से जुड़ी इस योजना की पूरी जानकारी जन-जन तक पहुंचाना और अधिक से अधिक अन्नदाताओं को इसके दायरे से जोड़ना भी है।

किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात

​यदि राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस 24वीं किस्त के माध्यम से देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार इन सभी किसानों के बैंक खातों में कुल 18,680 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि हस्तांतरित करने जा रही है। सरकार की ओर से यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है, जिसके तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इसके अंतर्गत यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के आधार कार्ड से जुड़े बैंक खातों में डिजिटल रूप से जमा की जाएगी, जिससे बिचौलियों की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

​फरवरी 2019 में शुरू हुई थी योजना

​गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 में देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस केंद्रीय योजना के तहत देश के पात्र किसानों को प्रतिवर्ष कुल 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सरकार की तरफ से यह पूरी राशि एकमुश्त देने के बजाय 2,000 रुपए की तीन समान किस्तों में सालभर में अंतराल पर उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना किसानों को खेती-किसानी से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों, खाद-बीज की खरीदी और प्राथमिक जरूरतों को पूरा करने में काफी मददगार साबित हो रही है।