रामपुर. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है. अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी है. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई. दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. गुरुवार (29 अक्टूबर) को जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने अपना फैसला सुनाया.

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जमानत मंजूर, दोषसिद्धि पर रोक नहीं

आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी. अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर सजा निलंबित कर दी. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. इसका मतलब है कि निचली अदालत का दोषी ठहराने वाला फैसला फिलहाल बरकरार है.

दो पैन कार्ड से जुड़ा है मामला

यह मामला वर्ष 2019 का है. रामपुर के सिविल लाइंस थाने में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई थी. इससे पहले 2017 में बसपा नेता नवाब काजिम अली खान ने भी शिकायत की थी. आरोप है कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड थे. इन दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर मामला दर्ज कराया गया था.

एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाई थी सजा

रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने नवंबर 2025 में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराया था. दोनों को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई हुई.

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सेशन कोर्ट ने आजम खान की सजा बढ़ाई

मई 2026 में सेशन कोर्ट ने आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी थी. साथ ही जुर्माना भी बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया था. अब हाईकोर्ट से जमानत और सजा निलंबन मिलने के बाद दोनों को राहत मिली हैय. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने से मामले में कानूनी चुनौती जारी रहेगी.