पटना। लोक आस्था के महान पर्व छठ महापर्व को लेकर पटना नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। राजधानी के गंगा घाटों से लेकर प्रमुख तालाबों तक सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर मुस्तैदी से काम कर रहा है।

​शहर के 75 वार्डों में रोशनी के विशेष प्रबंध

​छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले रास्तों को रोशन करने के लिए पटना के सभी 75 वार्डों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत हर वार्ड में 100-100 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं।

  • ​दो चरणों में बंटी लाइटें: इस अभियान के दूसरे चरण में सभी 75 वार्डों को 38-38 लाइटें दी जा चुकी हैं। इससे पहले प्रत्येक वार्ड को 22-22 लाइटें मिल चुकी थीं। इस प्रकार अब तक हर वार्ड को कुल 60 अतिरिक्त लाइटें मिल चुकी हैं, जबकि शेष 40 लाइटें अगले चरण में लगाई जाएंगी।
  • ​अंधेरे क्षेत्रों पर फोकस: इन लाइटों को विशेष रूप से अंधेरे वाले इलाकों, तंग गलियों और जरूरत के अन्य संवेदनशील स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है, ताकि पर्व के दौरान पूरे शहर में पर्याप्त रोशनी बनी रहे।

​तीन महीनों में 33 हजार से अधिक लाइटों की मरम्मत

​नगर निगम ने शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पिछले तीन महीनों में एक बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान 33 हजार से अधिक खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की गई है।
​निगम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान जो 6 हजार से ज्यादा लाइटें पूरी तरह खराब पाई गईं, उन्हें नई लाइटों से बदल दिया गया है। इसके लिए करीब 25 से 26 विशेष टीमों को फील्ड में उतारा गया है, जो स्विच, वायर और बल्ब जैसी तकनीकी कमियों को तुरंत ठीक कर रही हैं।

​घाटों पर हाईमास्ट और लाइट टावरों का जाल

​गंगा घाटों और वहां तक आने वाले संपर्क मार्गों पर रोशनी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख घाटों पर विशेष लाइट टावर खड़े किए गए हैं, जिन पर चार से पांच की संख्या में तेज रोशनी वाली फ्लड और मेटल लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा, घाटों पर पहले से मौजूद 50 हाईमास्ट लाइटों और लगभग 22 हजार स्थायी स्ट्रीट लाइटों की भी निरंतर निगरानी की जा रही है।

​35 प्रमुख घाटों और तालाबों पर पैनी नजर

​छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए कुल 35 संवेदनशील घाटों और तालाब परिसरों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर 187 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो नगर निगम के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से सीधे जुड़े हुए हैं।

  • ​लाइव फीड और तुरंत अलर्ट: कंट्रोल रूम से कैमरों की लाइव फीड के जरिए प्रवेश-निकास द्वारों, बैरिकेडिंग, घाट की सीढ़ियों और अत्यधिक भीड़ वाले संवेदनशील बिंदुओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बनता है या कोई अव्यवस्था उत्पन्न होती है, तो कंट्रोल रूम से तुरंत मैदानी टीमों को अलर्ट भेजा जा सकेगा।
  • ​पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम: भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए घाटों पर 187 सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ 16 पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाए गए हैं, जिनके जरिए समय-समय पर जरूरी निर्देश और सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी।