मुंगेर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को अपने गृह जिले मुंगेर के कल्याणपुर में आयोजित दीपोत्सव के मंच से दो बड़े ऐलान किए। कहा कि मुंगेर से भागलपुर के बीच 83 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव का निर्माण अगले दो माह में शुरू होगा। उन्होंने बड़ा संकल्प लेते हुए कहा कि वर्ष 2030 के बाद बिहार के किसी भी व्यक्ति को मजबूरी में बाहर मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी। राज्य में ही बेहतर नौकरी, व्यापार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।मुख्यमंत्री शनिवार को अपने गृह जिले मुंगेर के कल्याणपुर में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में यूथ क्लब द्वारा आयोजित ‘एक दीया मां के नाम’ अभियान में 11 लाख 11 हजार 111 दीप जलाकर नया कीर्तिमान बनाया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्य दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा ग्रामीणों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल की तराई और सोन नदी के पानी से गंगा में आने वाली बाढ़ तथा फसल की बर्बादी रोकने के लिए केंद्र सरकार से बड़ा समझौता हुआ है। इससे पहले मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर कल्याणपुर रेलवे मैदान में उतरा, जहां उन्हें सम्मान गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया।

मुख्यमंत्री के 5 बड़े ऐलान

  • मरीन ड्राइव निर्माण: मुंगेर से भागलपुर के बीच 83 किलोमीटर लंबे गंगा तटपथ का निर्माण कार्य अगले 2 माह में शुरू होगा। मजबूरी की मजदूरी से मुक्ति: वर्ष 2030 तक राज्य में ऐसी व्यवस्था बनेगी कि किसी भी बिहारी को बाहर जाकर मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी।
  • गाद सफाई व सिंचाई करार: 2 नवंबर को दिल्ली में नितिन गडकरी के साथ समझौता हुआ, गंगा से गाद निकालकर खेतों तक पानी पहुंचेगा।
  • 1 करोड़ परिवार उद्यमी: सरकार 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार देगी तथा आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाएगी।
  • स्थानीय अवसर: राज्य के युवाओं को बिहार में ही बेहतर रोजगार, व्यवसाय व प्रगति के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।बाढ़ नियंत्रण और रोजगार का एकीकृत मॉडल

मुख्यमंत्री की ये घोषणाएं बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया खाका पेश करती हैं। 83 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव न केवल मुंगेर और भागलपुर के बीच यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। गंगा की गाद निकालने का केंद्र से हुआ समझौता कृषि क्षेत्र के लिए दूरगामी साबित होगा; इससे बाढ़ से तबाही रुकेगी और खेतों को सिंचाई का पानी मिलेगा। 2030 तक पलायन रोकने की समयबद्ध सीमा और 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का संकल्प राज्य को नई मजबूती प्रदान करेगा।