गुमला। अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर 15 वर्षीय आदिवासी किशोरी को दूसरे राज्य ले जाने और फिर 20 हजार रुपये में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि किशोरी को दिल्ली में एक 45 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति के हाथों बेच दिया गया और उसकी जबरन शादी करा दी गई। किसी तरह आरोपितों के चंगुल से निकलकर किशोरी शुक्रवार को अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई।मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने बिशुनपुर थाने में आवेदन देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले गई महिला
पीड़िता के पिता के अनुसार, जुलाई महीने में बिशुनपुर प्रखंड के बिरीटोली निवासी जतरी उरांव उनकी बेटी को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले गई थी। वहां किशोरी को कथित मानव तस्कर सुनीता लोहरा के घर पर छोड़ दिया गया। इसके बाद उसे दिल्ली के एक चॉल में काम पर लगा दिया गया।
इसी दौरान किशोरी के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी कर उसे 20 हजार रुपये में एक 45 वर्षीय व्यक्ति को बेच दिया गया और जबरन शादी करा दी गई। हालांकि, किसी तरह किशोरी वहां से भागने में सफल रही और अपने घर लौट आई।
घर लौटकर खोली मानव तस्करी की परतें
घर पहुंचने के बाद किशोरी ने परिजनों को अपने साथ हुई घटनाओं की जानकारी दी। इसके बाद पिता ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बेटी को न्याय दिलाने की मांग की है।

