कृष्ण कुमार सैनी ,भिवानी। तहसील कार्यालय में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक कुछ अधिकारियों की एंट्री ने माहौल बदल दिया। कुछ ही मिनटों में ऐसा खुलासा हुआ जिसने सरकारी दफ्तर में बैठे लोगों को भी चौंका दिया।
कमरे के अंदर बातचीत चल रही थी और बाहर टीम पहले से नजरें जमाए बैठी थी। जैसे ही रकम हाथ बदली, पूरा खेल खुल गया। पकड़ में आए एक शख्स की जेब से नोट निकले तो दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, हरियाणा के भिवानी जिले की बवानीखेड़ा तहसील में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी नरेंद्र और वकील भूपेंद्र को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायत सिवाड़ा गांव निवासी प्रवीण ने दी थी, जिसने आरोप लगाया कि जमीन के बंटवारे और राजस्व दस्तावेज तैयार करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। ACB ने ट्रैप लगाकर वकील भूपेंद्र को पैसे लेते पकड़ लिया, जिसकी जेब से पूरी रकम बरामद हुई।
इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के मुताबिक, रिश्वत की रकम कथित तौर पर पटवारी नरेंद्र के लिए ली जा रही थी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। मामले में हिसार ACB थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

