मुकेश मौर्य, धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से ग्रामीण क्षेत्र की बदहाल सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने आई है। देर रात एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट को ही एंबुलेंस बनाना पड़ा।

पढ़िए पूरी खबर

यह पूरा मामला ग्राम पंचायत पेलमा के आश्रित मोहल्ला दर्रापारा का है। बताया जा रहा है कि दर्रापारा में गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जरूरत थी, लेकिन मोहल्ले तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण सामान्य वाहन से महिला को अस्पताल ले जाना संभव नहीं था। इसके अलावा अस्पताल पहुंचने के रास्ते में नदी भी पड़ती है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ गई।

खाट पर लिटाकर पार कराया नदी

आपात स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाकर उसे कंधों पर उठाया और कठिन रास्ते से होते हुए नदी तक पहुंचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी के बीच से बेहद सावधानी के साथ महिला को नदी पार कराया।

ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से महिला को पेलमा की मुख्य बस्ती स्थित स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ। जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर दुर्गम ग्रामीण इलाकों में सड़क, पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों द्वारा खाट का सहारा लेना बताता है कि आपात स्थिति में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पेलमा के दर्रापारा की यह घटना प्रशासन के सामने बड़ा सवाल छोड़ती है कि आखिर कब तक दुर्गम इलाकों में खाट ही जरूरतमंद मरीजों के लिए एंबुलेंस का विकल्प बनी रहेगी?

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H