अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सासाराम के यदुनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले दरवना जंगल में तांत्रिक कार्य और ओझा-गुनी के आरोप में एक बुजुर्ग की पीट-पीट कर और धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान योगेश्वर ठाकुर के रूप में हुई है, जिनका शव पुलिस ने जंगल से अपने कब्जे में ले लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है।
पशु चराने जंगल गए थे बुजुर्ग
मृतक के पुत्र नवल ठाकुर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनके पिता योगेश्वर ठाकुर रोजाना की तरह अपने मवेशियों को चराने के लिए दरवना जंगल की तरफ गए हुए थे। लेकिन जब वे देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में उनका खून से लथपथ शव जंगल से बरामद हुआ।
शव की हालत बेहद दर्दनाक थी; मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के कई गहरे निशान पाए गए हैं, और यह भी आशंका जताई जा रही है कि पहचान छुपाने या बेरहमी से मारने के लिए उनके चेहरे व सिर को पत्थरों से बुरी तरह कुचला गया था।
बहु की बीमारी को लेकर था विवाद
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे एक पुराना विवाद बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले पड़ोसी शीतल ठाकुर की बहू अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। शीतल ठाकुर के परिवार को शक था कि योगेश्वर ठाकुर ओझा-गुनी और तांत्रिक क्रियाओं के जरिए उनकी बहू पर कोई जादू-टोना कर रहे हैं।
इस अंधविश्वास को लेकर दोनों पक्षों (मृतक योगेश्वर ठाकुर और पड़ोसी शीतल ठाकुर के परिजनों) के बीच कुछ दिन पहले तीखी झड़प और मारपीट भी हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि घटना से एक सप्ताह पहले इस ओझाई के मामले को लेकर यदुनाथपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इसी पुरानी रंजिश और ओझा-गुनी के शक में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही यदुनाथपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पंचनामा कर पुलिस ने मृतक योगेश्वर ठाकुर के शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल भेज दिया है।
इस संबंध में यदुनाथपुर थाना अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बयान जारी करते हुए बताया है कि ओझा-गुनी और जादू-टोने के संदेह को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही विवाद और तनाव चल रहा था। पुलिस इस पूरे हत्याकांड को हर एंगल से खंगाल रही है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस बल के अधिकारी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अंधविश्वास से जुड़े खूनी खेल में शामिल मुख्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।



