कुरुक्षेत्र। पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी के रहने वाले 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा की अमेरिका में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार में जहां उसके भारत लौटने की तैयारियां चल रही थीं और शादी को लेकर बातचीत हो रही थी, वहीं अचानक विदेश से उसकी मौत की खबर पहुंचने के बाद घर में मातम पसर गया।
विक्की पिछले करीब 12 वर्षों से अमेरिका में रह रहा था और इंडियाना में ट्राला चलाकर परिवार का गुजारा कर रहा था। 17-18 सितंबर की रात वह ट्राले में सामान लेकर हाईवे से गुजर रहा था। इसी दौरान सामने से गलत दिशा में एक अन्य ट्राला आ गया। टक्कर से बचने की कोशिश में विक्की का वाहन अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे लगे कंक्रीट बैरियर से जा भिड़का।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। सिर के बल गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया।
विक्की के साथ इंडियाना में पिहोवा का ही हैप्पी नामक युवक रहता था। पुलिस की ओर से पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हैप्पी ने शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे पिहोवा में विक्की के परिजनों को फोन किया। फोन पर परिवार को हादसे की जानकारी मिली तो घर में कोहराम मच गया।
नवंबर-दिसंबर में घर लौटने वाला था विक्की
परिवार के मुताबिक, विक्की ने 16 सितंबर को ही अपने पिता कश्मीरी लाल से फोन पर बातचीत की थी। उसने बताया था कि वह नवंबर या दिसंबर में स्थायी रूप से भारत लौटने की योजना बना रहा है। विदेश से वापस आने के बाद वह अपना काम शुरू करना चाहता था। इसी बीच परिवार में उसकी शादी को लेकर भी बातचीत चल रही थी।
परिजनों के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद सदमे वाला है क्योंकि जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था, उसकी वापसी की जगह अमेरिका से उसका शव भारत लाने की तैयारी करनी पड़ रही है।
2014 में गया था अमेरिका, परिवार ने खर्च किए थे लाखों
विक्की के चाचा राजकुमार उर्फ राजू के अनुसार, वह वर्ष 2014 में अमेरिका गया था। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए करीब 45 से 50 लाख रुपये खर्च किए थे। परिजनों के मुताबिक, एजेंट के जरिए डंकी रूट से अमेरिका पहुंचने में उसे लगभग दो साल लगे। इसके बाद उसने वहीं रहकर ट्राला चलाने का काम शुरू कर दिया था।
पिहोवा में भाई की जूस की दुकान
विक्की के परिवार में उसके पिता कश्मीरी लाल और बड़े भाई सोनू अरोड़ा हैं। सोनू पिहोवा के मुख्य बाजार में जूस की दुकान चलाते हैं। विक्की की मां राजरानी का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है।
परिजनों के अनुसार विक्की का शव फिलहाल अमेरिका के आहयो स्थित अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है। सोमवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया होने के बाद शव को भारत लाने की औपचारिकताएं शुरू की जाएंगी।
शव भारत लाने में करीब 8 हजार डॉलर का खर्च
परिवार के मुताबिक, आहयो से शव को इंडियाना ले जाने और उससे जुड़ी अन्य प्रक्रिया में करीब 8 हजार डॉलर का खर्च बताया गया है। परिजनों ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सरकार से सहायता की मांग की है। परिवार चाहता है कि विक्की का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि उसका अंतिम संस्कार पैतृक स्थान पर किया जा सके।
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