कुंदन कुमार, पटना‌। ​बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर आंतरिक कलह और अनबन की चर्चाएं जोरों पर थीं। इसकी मुख्य वजह पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का शामिल न होना था। इस मामले पर अब खुद ललन सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए पटना पहुंचते ही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है और अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

​गुजरात में होने के कारण कार्यक्रम में नहीं हो सके शामिल

​दिल्ली से पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ किया कि वे प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान गुजरात में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उनके गुजरात दौरे की वजह से ही वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गैर-मौजूदगी को लेकर किसी भी तरह के राजनीतिक कयास लगाना पूरी तरह बेबुनियाद है।

​निशांत कुमार और संजय झा से हुई थी बातचीत

​ललन सिंह ने खुलासा किया कि कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले रात को निशांत कुमार ने भी उन्हें फोन किया था। जवाब में उन्होंने निशांत को बता दिया था कि वे गुजरात में हैं और उन्हें इस कार्यक्रम की पहले से जानकारी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से भी बात की। संजय झा ने उन्हें आश्वस्त किया था कि यह नया विधायकों को प्रशिक्षित करने के लिए केवल एक साधारण ट्रेनिंग कार्यक्रम था और पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं है।

​पार्टी पूरी तरह एकजुट

​केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि जनता दल यूनाइटेड पूरी तरह से एकजुट है और पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी की नींव नीतीश कुमार ने रखी है और वे हमेशा से सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं के आपसी तालमेल और राय-मशविरे से काम करते आए हैं। आज भी पार्टी में सुचारू रूप से आपसी समन्वय के साथ कार्य हो रहा है।

​कुछ विधायकों की नाराजगी पर होगी बात

​प्रबोधन कार्यक्रम को लेकर कुछ विधायकों के मन में असमंजस या नाराजगी की खबरों पर बोलते हुए ललन सिंह ने कहा कि अगर कुछ विधायकों के मन में कोई बात होगी, तो वे खुद बैठकर उनसे बातचीत करेंगे। उन्होंने दोहराया कि जिस विवाद को लेकर मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इतनी चर्चाएं हो रही हैं, उसका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।