18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के लिए मतदान हुआ था। शनिवार को हुई मतगणना के बाद उपाध्यक्ष पद का नतीजा सामने आ गया है। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशू शौकीन (Deepanshu Shaukeen) ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। वहीं, अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला जारी रहा। उपाध्यक्ष पद पर दीपांशू शौकीन ने दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। खास बात यह रही कि शौकीन ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। बताया जा रहा है कि वह NSUI से टिकट के दावेदार थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।

निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरे

डूसू चुनाव में आमतौर पर ABVP और NSUI जैसे बड़े छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला चर्चा में रहता है। ऐसे में किसी निर्दलीय उम्मीदवार का केंद्रीय पद पर जीत हासिल करना चुनाव की अहम खबर बन गया है। दीपांशू शौकीन ने संगठन के टिकट के बजाय अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। मतगणना के अलग-अलग राउंड में वह उपाध्यक्ष पद पर लगातार मजबूत स्थिति में नजर आए और अंत में जीत अपने नाम कर ली।

मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पिता बस कंडक्टर

दीपांशू शौकीन दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय से बुद्धिस्ट स्टडीज की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके परिवार की बात करें तो उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, जबकि पिता बस कंडक्टर हैं। छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ दीपांशू ने डीयू के उपाध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपनी दावेदारी पेश की।

NSUI से जुड़े थे, फिर निर्दलीय लड़े

दीपांशू शौकीन बीते कई महीनों से NSUI से जुड़े हुए थे। उन्हें संगठन की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने को कहा गया था। हालांकि, बाद में उन्हें अपना नामांकन वापस लेने के लिए कहा गया। दीपांशू ने नामांकन वापस लेने के बजाय चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर प्रचार किया और मतगणना के दौरान लगातार मजबूत स्थिति में बने रहे।

10वें राउंड तक 14,256 वोट, फिर जीत दर्ज की

मतगणना के 10वें राउंड तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशू शौकीन को 14,256 वोट मिल चुके थे। वह उपाध्यक्ष पद पर ABVP के इशु मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ से आगे चल रहे थे। मतगणना पूरी होने के बाद दीपांशू शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। इस तरह डूसू चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए केंद्रीय पद अपने नाम किया।

अध्यक्ष पद पर क्या हाल?

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशू शौकीन ने जीत दर्ज कर ली है, जबकि अध्यक्ष पद पर NSUI और ABVP के बीच मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है। 12 राउंड की मतगणना के बाद NSUI के विजय शंकर मीणा 14,530 वोटों के साथ आगे चल रहे थे, जबकि ABVP के यश डबास को 14,106 वोट मिले थे। दोनों के बीच वोटों का अंतर 424 रहा।

जीत के बाद दीपांशू का पहला रिएक्शन

दिल्ली विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के बाद दीपांशू शौकीन ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना आसान नहीं था, लेकिन छात्रों के भरोसे ने उन्हें जीत दिलाई। दीपांशू ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों की है जो कैंपस में छात्र हितों और वास्तविक मुद्दों को उठाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जीत के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है और वह हर छात्र की आवाज बनने की कोशिश करेंगे।

जॉइंट सेक्रेटर पद पर कौन आगे

12 राउंड के वोटों की गिनती के बाद डूसू के जॉइंट सेक्रेटर पद पर भी कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। एनएसयूआई के गोपाल चौधरी 9,867 वोटों के साथ पहले नंबर पर हैं। एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह 9157 वोटों के साथ दूसरे और समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव तीसरे नंबर पर चल रहे हैं।

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