मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. पूर्वांचल परिक्षेत्र के डीआईजी (DIG) होमगार्ड प्रमोद पाल के अयोध्या दौरे का शनिवार को दूसरा दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा. मंडलीय समीक्षा और निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर होमगार्ड्स से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं और भावी योजनाओं पर गहनता से चर्चा की.

बैठक के दौरान डीआईजी ने जवानों के स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े आयुष्मान भारत कार्ड अभियान की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र होमगार्ड जवान तक इस सुविधा का लाभ बिना किसी देरी के पहुंचे. इसके साथ ही, जवानों के टर्नआउट, अनुशासन और वर्दी की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए, ताकि बल का पेशेवर स्वरूप और बेहतर दिख सके.

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मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप होमगार्ड जवानों के ठहराव के लिए थाना स्तर पर हॉल निर्माण की योजना की जानकारी साझा की गई. डीआईजी प्रमोद पाल ने स्पष्ट किया कि जिन थानों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां हॉल निर्माण की प्रक्रिया तुरंत शुरू कराई जाएगी. हालांकि, जहां जगह की उपलब्धता की समस्या है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था तलाशी जा रही है.

​अभिलेखों की जांच और तीन महीने की ट्रेनिंग

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने कार्यालयीय अभिलेखों, सेवा रिकॉर्ड, सीआर (CR) और ईआर (ER) समेत नियमित प्रशासनिक व्यवस्थाओं को परखा और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए. उन्होंने यह भी बताया कि आगामी भर्तियों के तहत चयनित होमगार्ड्स को 3 महीने की अनिवार्य और कड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद शासन की नीति के तहत उनकी तैनाती ड्यूटी पर होगी.

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होमगार्ड्स के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए रिटायरमेंट के बाद पीपीएफ (PPF) और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जो वर्तमान में विचाराधीन है.​मीडिया से बातचीत के दौरान DIG प्रमोद पाल ने कहा कि “सरकार और शासन द्वारा होमगार्ड्स के हित में चलाई जा रही प्रत्येक सुविधा को अंतिम छोर पर तैनात जवान तक पहुंचाना ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.”