कैथल। कैथल में दुष्कर्म के एक पुराने मामले को पैसों के जरिए खत्म कराने की कथित कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि केस में समझौता कराने के नाम पर 3 लाख रुपये लिए गए। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कराने वाली महिला मोनिका समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पप्पू, मटौर निवासी कृष्ण और मोनिका के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, मोनिका ने 31 दिसंबर 2025 को सिविल लाइन थाना में अनिल के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह जेल चला गया। इसी दौरान जेल में उसकी मुलाकात हत्या के मामले में बंद पप्पू से हुई। आरोप है कि यहीं से मामले को पैसे देकर निपटाने की बातचीत शुरू हुई।

जांच के मुताबिक, जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद पप्पू ने मटौर निवासी कृष्ण को इस मामले में मध्यस्थ के तौर पर जोड़ा। पुलिस का कहना है कि कृष्ण की मोनिका के साथ रिश्तेदारी थी और इसी वजह से वह अनिल पक्ष से समझौते के लिए रकम की मांग कर रहा था। बातचीत के दौरान पप्पू ने कृष्ण से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर ली थी।

पुलिस के मुताबिक, पप्पू के पास मौजूद इस रिकॉर्डिंग को लेकर भी एक अलग योजना बनाई जा रही थी। आरोप है कि वह इसी बातचीत को आधार बनाकर पुलिस कर्मचारियों को विजिलेंस के जरिए फंसाने की तैयारी में था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि पूरी योजना के पीछे किसकी क्या भूमिका थी।

मामले में 15 सितंबर को कैथल कोर्ट परिसर में 3 लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई। शिकायत के अनुसार, रकम पप्पू ने अपने पास रख ली। आरोप है कि उसने बाद में रतन को बताया कि पैसे मोनिका को दे दिए गए हैं, जबकि पुलिस की जांच में यह बात संदिग्ध मानी जा रही है। इसके बाद कथित तौर पर और रकम की मांग किए जाने की बात भी सामने आई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अतिरिक्त पैसे नहीं देने पर अनिल को दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा करवाने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगी।

एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के प्रभारी सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स सेल, सिविल लाइन थाना की हेड कांस्टेबल सुदेश और एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी में है। रिमांड के दौरान 3 लाख रुपये के कथित लेन-देन, बातचीत की रिकॉर्डिंग, समझौते के लिए हुई बातचीत और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है.