कुंदन कुमार, पटना। राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित ‘पाम पटना’ होटल को सील किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पटना की पंजाबी और सिख बिरादरी के सैकड़ों लोगों ने आज आरएसएस और भाजपा से जुड़े नेता अभिजीत कश्यप के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। समुदाय का आरोप है कि राजनीतिक रसूख और पावर का धौस दिखाकर होटल को गलत तरीके से सील करवाया गया है।

​ नेता अभिजीत कश्यप पर आरोप

होटल सीलिंग का पूरा मामला

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान होटल संचालक सुरजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने इस होटल को 20 साल के लीज पर लिया है। उनका आरोप है कि अभिजीत कश्यप इस होटल परिसर में दो कमरे मांग रहा था और जबरन बिजनेस पार्टनर बनना चाहता था। जब उन्होंने इससे इनकार किया, तो रसूख का इस्तेमाल कर नगर निगम के जरिए होटल पर कार्रवाई कराई गई।
​संचालक ने बताया कि नगर निगम के नोटिस के खिलाफ वे पटना हाईकोर्ट गए थे, जहां अदालत ने निगम के आदेश पर स्पष्ट रूप से स्टे (रोक) लगा दिया था। इसके बावजूद, हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए राजनीतिक दबाव के तहत होटल को सील कर दिया गया।

​50 से अधिक लोगों की रोजी-रोटी पर संकट

​सिख समाज और पंजाबी बिरादरी के लोगों ने कहा कि वे अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं और उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है। होटल बंद होने के कारण वहां काम करने वाले 50 से अधिक कर्मचारियों की रोज़ी-रोटी छिन गई है, जो सभी इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि इन बेरोजगार हुए लोगों के भविष्य की जिम्मेदारी किसकी होगी?

​ ये प्रदर्शन कर रहे पंजाबी बिरादरी के लोग है

सरकार और प्रशासन से बड़ी कार्रवाई की चेतावनी

​प्रदर्शनकारियों ने राज्य के नेतृत्व से मांग की है कि सील किए गए होटल को तुरंत प्रभाव से खुलवाया जाए और दबंगई दिखाने वाले आरएसएस से जुड़े नेता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला, तो पटना की पंजाबी बिरादरी नगर निगम और सरकार के खिलाफ एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।