मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक कर एनसीआर के वायु प्रदूषण पर चर्चा की. इस दौरान नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ समेत उत्तर प्रदेश के आठ एनसीआर जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस दौरान नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और बुलंदशहर सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल प्रदेश के आठ जिलों की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा की गई.

वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन पर चर्चा

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए नई ईवी नीति, ई-बसों के संचालन, पुराने वाहनों के निस्तारण, प्रदूषण प्रमाण पत्रों की जांच और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया. इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) स्थापित करने की प्रगति को परखा गया, जो वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत उद्योगों में चालू हो चुकी है.

कचरा और धूल प्रबंधन की रणनीति

धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़कों की यांत्रिक और गहरी सफाई (डीप क्लीनिंग) पर विशेष बल दिया गया. इसके अतिरिक्त ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा निर्माण व विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट नियमावली का कड़ाई से पालन कराने के लिए सभी संबद्ध विभागों एवं पक्षों के साथ परामर्श सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.

उपलब्धियों की सराहना और भावी कदम

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत देश के 130 शहरों के सर्वेक्षण में लखनऊ को प्रथम स्थान मिलने तथा आगरा के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया गया. ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत तय लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए राज्य सरकार की सराहना की गई. दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ संवाद के बाद अब राजस्थान व पंजाब के मुख्यमंत्रियों संग भी ऐसी ही समीक्षा बैठकें की जाएंगी.