AAP Protest Jaipur: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को जयपुर में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग उठाई और मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।

कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक से बाहर निकलकर घेराव की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। चुनाव आयोग ने SIR को मतदाता सूचियों की समीक्षा और अयोग्य या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया बताया है।

जयपुर में SIR के खिलाफ AAP का प्रदर्शन

AAP के प्रदेश सह-प्रभारी सत्यवान राणा ने शहीद स्मारक पर धरने के दौरान SIR को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2002 से 2026 के बीच मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले लोगों का दोबारा अध्ययन किया गया और इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए।

राणा ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूचियों के ड्राफ्ट से हटे हैं। उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक SIR के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्राफ्ट रोल में 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए थे। हालांकि, यह संख्या उन सभी लोगों की संख्या नहीं है जिन्हें गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किया गया हो।

Form-6 में बदलाव भी बना AAP के आरोपों का आधार

AAP नेताओं ने Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा जोड़े जाने के मुद्दे को भी उठाया। चुनाव आयोग ने 30 सितंबर को उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन Form-6 से अतिरिक्त SIR घोषणा हटाई, जहां पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसके बाद नए मतदाताओं के लिए निर्धारित वैधानिक Form-6 का इस्तेमाल किया जा रहा है।

AAP ने इसी बदलाव को लेकर आरोप लगाया कि विरोध के बाद नियमों में बदलाव किया गया। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि बाद में अतिरिक्त शर्त हटानी पड़ी तो इसे पहले जोड़ा ही क्यों गया।

नाम काटे ही क्यों गए?

सत्यवान राणा ने आरोप लगाया कि विरोध के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अभियान शुरू किया गया, लेकिन मूल सवाल यह है कि नाम हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने मतदाता पहचान और वोट देने के अधिकार को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए लोगों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।

उन्होंने दिल्ली, राजस्थान और पश्चिम बंगाल समेत अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची को लेकर विवाद का भी जिक्र किया। हालांकि, दिल्ली की सीटों और चुनाव परिणाम से जुड़े उनके दावों को यहां पार्टी के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग ने शुरू किया विशेष अभियान

SIR को लेकर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उन पात्र मतदाताओं को दोबारा जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है, जो पुनरीक्षण के दौरान सूची से छूट गए। इसके तहत Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने की सुविधा दी जा रही है। पहली बार मतदान करने वाले पात्र युवाओं को भी इस अभियान में शामिल किया गया है।

यानी विवाद के बीच एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं आयोग की ओर से SIR के बाद छूटे पात्र मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

जयपुर से दिल्ली तक विरोध

2 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी AAP और अन्य संगठनों के प्रदर्शन हुए, जहां पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

जयपुर में AAP ने इसी मुद्दे को लेकर शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने CEC को हटाने की मांग उठाई और बाद में घेराव की कोशिश की, जिसे पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया।

SIR को लेकर बढ़ता राजनीतिक विवाद

SIR को लेकर विपक्षी दल मतदाता सूची में नाम हटने और प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और डुप्लीकेट या अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।

जयपुर का प्रदर्शन इसी बड़े विवाद की स्थानीय कड़ी रहा, जहां AAP ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग के साथ SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

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