वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ABVP कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का संदेश देने के लिए तिरंगा यात्रा निकाली. जालौन के उरई में संगठन के कार्यकर्ताओं ने CJP के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति जताई.
वाराणसी/जालौन. उत्तर प्रदेश के वाराणसी और जालौन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन किया. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सोमवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई, जबकि जालौन के उरई में डीवीसी कॉलेज के सामने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका गया.
काशी विद्यापीठ में तिरंगा यात्रा
वाराणसी में तिरंगा यात्रा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से शुरू हुई. इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए और तिरंगा लेकर भारत माता की जय तथा संविधान के सम्मान से जुड़े नारे लगाए. यात्रा सड़क मार्ग से होते हुए विश्वविद्यालय के दूसरे गेट से परिसर में लौटी, जिसके बाद छात्र एक चौराहे पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ नारेबाजी की.
ABVP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, सेना और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ कथित नकारात्मक टिप्पणियों से युवाओं के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है. संगठन के सदस्यों ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य छात्रों को संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूक करना है.
शिवम सिंह ने लगाए आरोप
ABVP के छात्र नेता शिवम सिंह ने कहा कि संसद में हंगामे, अदालतों के फैसलों पर सवाल उठाने और सेना तथा संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणियों के जरिए उनकी छवि प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से युवाओं को संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया गया.
शिवम सिंह के मुताबिक, विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका की सही जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनों के जरिए युवाओं को भ्रमित किया जा रहा है. इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर और आसपास सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की गई थी.
जालौन में CJP के खिलाफ प्रदर्शन
जालौन के उरई में डीवीसी कॉलेज के सामने ABVP कार्यकर्ताओं ने CJP के खिलाफ नारेबाजी की और उसका पुतला फूंका. इस दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ भी नारे लगाए गए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संगठन छात्रों के बीच नकारात्मक विचारधारा को बढ़ावा दे रहा है और युवाओं को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने CJP नेताओं के खिलाफ नारे लगाते हुए उन्हें देश छोड़ने की मांग भी उठाई.
ABVP के प्रांतीय नेता चित्रांशु ने कहा कि CJP छात्र संगठनों और विद्यार्थियों के बीच नकारात्मक नैरेटिव फैलाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अन्य लोगों के समर्थन से ऐसी राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है, जिसका असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है.
NEET विवाद का भी जिक्र
चित्रांशु ने NEET परीक्षा के पेपर विवाद का उल्लेख करते हुए दावा किया कि CJP ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इस्तीफे के बाद भी संगठन ने पेपर लीक रोकने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया और अब छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है.
ये आरोप प्रदर्शन में शामिल ABVP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं. खबर में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है.
वाराणसी और जालौन में हुए दोनों प्रदर्शनों के दौरान ABVP ने संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और छात्र हितों से जुड़े मुद्दे उठाए. वाराणसी में तिरंगा यात्रा के जरिए जागरूकता का संदेश दिया गया, जबकि उरई में CJP के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया.

