Business Desk – Adani Enterprises QIP Launch : अदाणी एंटरप्राइजेज ने 2 जुलाई को Qualified Institutional Placement (QIP) लॉन्च करने का ऐलान किया है. कंपनी ने QIP के लिए 3,034.68 रुपए प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो मौजूदा बाजार भाव 3,165 रुपए प्रति शेयर से करीब 4% कम है.

कंपनी ने इस इश्यू के लिए SBI Capital Markets, Jefferies India, ICICI Securities और IIFL Capital Services को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) नियुक्त किया है. अंतिम इश्यू प्राइस संस्थागत निवेशकों से चर्चा के बाद तय किया जाएगा.

ओडिशा में 98,000 करोड़ रुपए का मेगा निवेश

इस बीच अदाणी ग्रुप के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है. अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ओडिशा में अदाणी ग्रुप के साथ मिलकर 11.5 अरब डॉलर (करीब 98,000 करोड़ रुपए) का निवेश करेगी. राज्य सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है तो यह भारत के मेटल सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश साबित हो सकता है.

50-50 हिस्सेदारी वाला जॉइंट वेंचर

दोनों कंपनियों ने इस परियोजना के लिए एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस जॉइंट वेंचर में IHC और अदाणी ग्रुप की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी.

बनेगा ओडिशा का सबसे बड़ा एल्युमिनियम कॉम्प्लेक्स

इस परियोजना के तहत एल्युमिना रिफाइनरी, एल्युमिनियम स्मेल्टर, कैप्टिव पावर प्लांट और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही ओडिशा का सबसे बड़ा एल्युमिनियम कॉम्प्लेक्स स्थापित होगा.

प्रस्तावित उत्पादन क्षमता इस प्रकार होगी:

40 लाख टन (4 MTPA) एल्युमिना
20 लाख टन (2 MTPA) एल्युमिनियम
10 लाख टन (1 MTPA) डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम उत्पाद
53,500 लोगों को मिलेगा रोजगार

इस मेगा प्रोजेक्ट से 53,500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. इनमें 35,000 लोगों को निर्माण कार्य के दौरान रोजगार मिलेगा, जबकि परियोजना शुरू होने के बाद 18,500 लोगों को स्थायी नौकरियां मिलेंगी.

एल्युमिनियम कारोबार में नई एंट्री करेगा अदाणी ग्रुप

फिलहाल अदाणी ग्रुप एल्युमिनियम उत्पादन के कारोबार में नहीं है. हालांकि कंपनी पहले ही ओडिशा में एल्युमिना रिफाइनरी और एल्युमिनियम प्रोजेक्ट लगाने की योजना की घोषणा कर चुकी है. दूसरी ओर, अदाणी एंटरप्राइजेज के पास गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट कॉपर स्मेल्टर है, जिसे करीब 1.2 अरब डॉलर के निवेश से विकसित किया गया है.