अदाणी फाउंडेशन ने मनाया मितानिन दिवस, “औद्योगिक विकास से ग्राम विकास” पर भी हुई चर्चा

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ में मितानिन शब्द जिसका अर्थ है “मित्र” का अपना अलग महत्व है. ग्रामीण इलाकों से जुड़ी मितानिन दूर दराज के मोहल्लों में घर-घर पहुंच कर लोगों का दुख दर्द बांट लेती हैं. इसके महत्व को बनाएं रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा 23 नवंबर 2011 को मितानिन दिवस घोषित किया गया था.

यह दिवस मितानिनों के द्वारा ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के पुनीत कार्यों को याद करने के लिए मनाया जाता है. राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड के सहयोग से अदाणी फाउंडेशन द्वारा सरगुजा जिले के ग्राम परसा, साल्ही, घाटबर्रा, सल्का एवं तारा में मितानिन सम्मान समारोह आयोजित किया गया. ग्राम पंचायत कार्यालय, परसा के सभागार में पांचों ग्राम के 40 मितानिनों को स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उत्कृष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया गया.

सभी मितानिनों को अदाणी इन्टरप्राइजेज लिमिटेड (ए ई एल) के सरगुजा क्लस्टर हेड संजय कुमार सिंह ने मिठाई और नारियल देकर अभिवादन किया. उनके बेहतरीन कार्यों की तारीफ की. साथ ही भविष्य में भी “औद्योगिक विकास से ग्राम विकास” के तहत स्वास्थ्य के क्षेत्र में ए ई एल द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही.

वहीं ग्राम परसा के सरपंच झल्लूराम ने भी मितानिनों के अच्छे कार्यों की सराहना की. साथ ही अदाणी फॉउंडेशन के द्वारा परसा ग्राम पंचायत में किए जा रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि “औद्योगिक विकास से ग्राम विकास को अदाणी कंपनी द्वारा सभी क्षेत्र में सुनिश्चित किया गया है, फिर चाहे वो स्वास्थ्य का क्षेत्र हो, शिक्षा या फिर आजीविका संवर्धन का.

“ कार्यक्रम के दौरान ए ई एल के सरगुजा क्लस्टर एच आर हेड गौरव जैन ने अपना विचार रखते हुए मितानिनों के द्वारा जमीनी स्तर पर किये जा रहे स्वास्थ्य कार्यों के लिए उनका उत्साहवर्धन किया. कार्यक्रम का संचालन ग्राम परसा के उपसरपंच शिवकुमार यादव द्वारा किया गया. साथ में पांचों ग्राम पंचायतों द्वारा सभी मितानिनों को उपहार भी भेंट किया गया. अदाणी फॉउंडेशन से परियोजना अधिकारी उमेन्द्र साहू, विकास सिंह, सौरभ सिंह और अनिल जायसवाल ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दी.

अदाणी फाउंडेशन के बारे में :

1996 में स्थापित, अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में 18 राज्यों में सक्रिय है, जिसमें देश भर के 2250 गांव और कस्बे शामिल हैं. फाउंडेशन के पास प्रोफेशनल लोगों की टीम है, जो नवाचार, जन भागीदारी और सहयोग की भावना के साथ काम करती है. वार्षिक रूप से 3.2 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करते हुए अदाणी फाउंडेशन चार प्रमुख क्षेत्रों- शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, सतत आजीविका विकास और बुनियादी ढा़ंचे के विकास, पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सामाजिक पूंजी बनाने की दिशा में काम करता है. अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण और शहरी समुदायों के समावेशी विकास और टिकाऊ प्रगति के लिए कार्य करता है.  इस तरह, राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान देता है.

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