सुरेश पांडेय, सिंगरौली। जिले के हर्रहवा (सिद्धिखुर्द) क्षेत्र में स्थित रिलायंस सासन पावर लिमिटेड के राखड़ (ऐश) बांध के टूटने और ओवरफ्लो होने से भारी तबाही मच गई है। बांध से निकले करीब 5,760 टन जहरीले फ्लाई ऐश के मलबे ने आसपास के खेतों और रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे किसानों की फसलें और संपत्तियां जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इस गंभीर हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और किसानों में भारी आक्रोश तथा दहशत का माहौल है।

कलेक्टर का कड़ा रुख, 3 दिन में मांगा जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने सासन पावर लिमिटेड प्रबंधन को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी करते हुए 3 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संयंत्र के संचालन की सम्मति निरस्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके अलावा, हादसे में प्रभावित हुई फसलों और संपत्तियों के कुल नुकसान की शत-प्रतिशत भरपाई रिलायंस कंपनी से ही कराई जाएगी।

सुरक्षा दावों की खुली पोल, मंडराया बड़े हादसे का खतरा

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रिलायंस ऐश डैम अपनी कमजोर बनावट और प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण बार-बार आपदा का कारण बनता रहा है। लगातार ओवरफ्लो होने की स्थिति ने कंपनी के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है, जिससे किसी भी वक्त और बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

पुरानी त्रासदियों से भी नहीं लिया सबक

उल्लेखनीय है कि इसी सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का राखड़ बांध 10 अप्रैल 2020 की शाम को भी अचानक ढह गया था, जिसमें जहरीले मलबे की चपेट में आने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई मकान व सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि राख में तब्दील हो गई थी। इससे पहले 2019 में भी इसमें लीकेज और ओवरफ्लो की शिकायतें मिली थीं। इसके बावजूद पुख्ता सुरक्षा उपाय न किए जाने से क्षेत्र के लोग एक बार फिर तबाही के मुहाने पर खड़े हैं।

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