Bunisees Desk. भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह कमजोरी का माहौल देखने को मिला। NIFTY ने लगातार 8वीं लाल साप्ताहिक कैंडल बनाई और सप्ताह के दौरान 22,217 का निचला स्तर देखा। NIFTY सप्ताह के अंत में करीब 22,422 के स्तर पर बंद हुआ और पूरे सप्ताह में लगभग 3.1% की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार की कमजोरी के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की भारी बिकवाली रही। पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में FIIs ने कैश मार्केट में लगभग ₹34,966 करोड़ की नेट बिकवाली की। दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने लगभग ₹33,455 करोड़ की नेट खरीदारी की।

इसका मतलब है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने FII की बिकवाली का लगभग 96% हिस्सा absorb किया। इसके बावजूद NIFTY पर दबाव बना रहा। यह हमें बताता है कि केवल FII या DII के आंकड़ों को देखकर बाजार के बारे में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। Price action, global cues, institutional flows और महत्वपूर्ण technical levels को साथ में देखना जरूरी है।

NIFTY का टेक्निकल व्यू

फिलहाल NIFTY के लिए 22,800 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण दिखाई दे रहा है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के नीचे बना हुआ है, technical structure कमजोर माना जा सकता है और बाजार में sell-on-rise bias बना रह सकता है।

अगर निचले स्तरों से recovery या bounce देखने को मिलता है, तो 22,800 पहला महत्वपूर्ण resistance zone रहेगा। बाजार के लिए केवल इस स्तर को touch करना पर्याप्त नहीं होगा। NIFTY का 22,800 के ऊपर sustain करना महत्वपूर्ण होगा।

अगर NIFTY 22,800 के ऊपर मजबूती के साथ sustain करता है, तो अगला महत्वपूर्ण स्तर 23,000 के आसपास रहेगा। इसलिए आने वाले sessions में 22,800–23,000 का zone बाजार की आगे की structure को समझने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

वहीं नीचे की तरफ पिछले सप्ताह का low 22,217 एक महत्वपूर्ण reference level है। इस level के आसपास market का price behaviour ध्यान से देखना चाहिए।

इस सप्ताह investors और traders को technical levels के साथ-साथ RBI monetary policy, F&O expiry और Q2 corporate earnings season जैसे महत्वपूर्ण events पर भी नजर रखनी चाहिए। इन events के आसपास volatility बढ़ सकती है, इसलिए risk management को प्राथमिकता देना जरूरी है।

कुल मिलाकर, बाजार अभी एक महत्वपूर्ण technical zone में है। किसी एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर निर्णय लेने के बजाय price action, institutional activity और key levels की confirmation का इंतजार करना बेहतर approach हो सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। इसे किसी भी सिक्योरिटी को खरीदने, बेचने या होल्ड करने की व्यक्तिगत सलाह या recommendation न माना जाए। निवेश से पहले अपनी financial situation, risk profile और investment objectives को ध्यान में रखें। Investments in securities market are subject to market risks.

अंकुश बजाज
SEBI Registered Research Analyst
www.ankushbajaj.com