Technology Desk: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram पर कंटेंट की निगरानी के लिए Meta अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल और ज्यादा बढ़ाने जा रहा है. कंपनी का कहना है कि AI की मदद से ऐसे स्कैम और नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को तेजी से पहचाना जा सकेगा, जो पहले के रिव्यू सिस्टम की नजर से बच जाते थे.

Meta के मुताबिक, उसका नया AI टूल रोजाना 5,000 से ज्यादा ऐसे स्कैम पकड़ रहा है, जिन्हें पुराने रिव्यू सिस्टम से पहचानना मुश्किल था. कंपनी ने यह भी दावा किया है कि कंटेंट रिव्यू से जुड़े गलत फैसलों में 60 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है.

फर्जी सेलिब्रिटी अकाउंट की शिकायतें भी घटीं

Meta ने AI सिस्टम के इस्तेमाल से फर्जी सेलिब्रिटी अकाउंट के खिलाफ आने वाली शिकायतों में भी बड़ी कमी का दावा किया है. कंपनी के अनुसार, Facebook और Instagram पर सेलिब्रिटी के नाम से बनाए जाने वाले फर्जी अकाउंट की शिकायतों में 80 प्रतिशत तक की कमी आई है.

कंपनी का कहना है कि AI सिस्टम संदिग्ध अकाउंट और कंटेंट को पहले ही पहचानने में मदद कर रहा है. इससे यूजर्स को स्कैम और फर्जी प्रोफाइल से बचाने में मदद मिल सकती है.

किन पोस्ट पर कार्रवाई करेगा Meta का AI?

Meta का AI सिस्टम Facebook और Instagram पर कई तरह के गंभीर उल्लंघनों की पहचान करेगा. इसमें खास तौर पर ऐसे कंटेंट शामिल होंगे जो प्लेटफॉर्म की कम्यूनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन करते हैं.

AI सिस्टम इन चीजों पर नजर रखेगा:

  • स्कैम और धोखाधड़ी से जुड़े पोस्ट
  • ड्रग्स से संबंधित कंटेंट
  • यौन शोषण से जुड़ी सामग्री
  • गंभीर नियमों का उल्लंघन करने वाले पोस्ट
  • संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट
  • फर्जी अकाउंट और अन्य संदिग्ध गतिविधियां

AI केवल पोस्ट की जांच तक सीमित नहीं रहेगा. Meta के मुताबिक, सिस्टम सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों को भी जांचने में मदद करेगा.

इंसानी मॉडरेशन पूरी तरह खत्म नहीं होगा

Meta ने साफ किया है कि वह कंटेंट मॉडरेशन के लिए पूरी तरह AI पर निर्भर नहीं होगा. कंपनी के रिव्यू सिस्टम में इंसानी कर्मचारियों की भूमिका भी बनी रहेगी.

खास तौर पर अकाउंट बंद किए जाने के खिलाफ अपील और संवेदनशील मामलों में ह्यूमन रिव्यू किया जाएगा. यानी AI शुरुआती स्तर पर बड़ी संख्या में पोस्ट और अकाउंट की जांच कर सकता है, लेकिन गंभीर मामलों में इंसानी फैसले की भूमिका बनी रहेगी.

थर्ड-पार्टी मॉडरेटर्स पर निर्भरता घटाना चाहता है Meta

Meta का कहना है कि वह थर्ड-पार्टी ह्यूमन मॉडरेटर्स पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है. कंपनी के अनुसार, बड़ी संख्या में पोस्ट की मानवीय तरीके से जांच करना मुश्किल होता है और कुछ नियम तोड़ने वाला कंटेंट इस प्रक्रिया से बच सकता है.

AI की मदद से बड़ी मात्रा में कंटेंट को तेजी से स्कैन किया जा सकता है. इससे उन पोस्ट की पहचान आसान हो सकती है, जिनमें सामान्य कम्यूनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है. कंपनी का मानना है कि AI के जरिए ऐसे मामलों में रिव्यू की गति और सटीकता दोनों को बेहतर किया जा सकता है.

अगर AI ने गलती से पोस्ट हटाई तो?

AI सिस्टम से गलत फैसले होने की स्थिति को लेकर भी Meta ने यूजर्स के लिए अपील की सुविधा बनाए रखने की बात कही है. अगर किसी पोस्ट या अकाउंट पर AI की वजह से गलत कार्रवाई होती है, तो यूजर उसके खिलाफ अपील कर सकता है. खास तौर पर अकाउंट बैन जैसे गंभीर मामलों में ह्यूमन रिव्यू की व्यवस्था जारी रहेगी.

Meta के मुताबिक, उसका मकसद इंसानी मॉडरेशन को पूरी तरह खत्म करना नहीं है, बल्कि उसकी भूमिका को बदलना है. AI सामान्य और बड़ी संख्या में होने वाले उल्लंघनों की पहचान में ज्यादा काम करेगा, जबकि गंभीर और संवेदनशील मामलों में इंसानी समीक्षा जारी रहेगी.

Facebook और Instagram के कंटेंट रिव्यू में बढ़ेगा AI का रोल

Meta की नई रणनीति के तहत Facebook और Instagram पर कंटेंट की शुरुआती निगरानी में AI की भूमिका पहले से ज्यादा होगी. कंपनी AI के जरिए स्कैम, फर्जी अकाउंट और कम्यूनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले कंटेंट की पहचान पर फोकस कर रही है. वहीं, अकाउंट बैन की अपील और संवेदनशील मामलों जैसे मामलों में ह्यूमन रिव्यू को बनाए रखा जाएगा.

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