देवघर। एम्स देवघर में शनिवार को आयोजित दूसरे दीक्षांत समारोह में उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चिकित्सा विद्यार्थियों को सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर जरूरतमंद लोगों के लिए सबसे बड़ा भरोसा होते हैं, क्योंकि कई बार किसी व्यक्ति का जीवन समय पर मिलने वाले उपचार और डॉक्टर के निर्णय पर निर्भर करता है। इसलिए डॉक्टरों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरी निष्ठा, ईमानदारी और दया भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में स्वास्थ्य व्यवस्था अहम

उप राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं समाज को सीधे लाभ पहुंचाती हैं।

उन्होंने एम्स जैसे संस्थानों को विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अहम बताते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार देश के विकास के लिए जरूरी है।

देवघर समेत देश में 12 नए एम्स से बढ़ी सुविधाएं

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में देवघर एम्स जैसे संस्थानों की बड़ी भूमिका है। आम लोगों को उनके आसपास गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवघर सहित देश के विभिन्न स्थानों पर नए एम्स स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पहले बेहतर इलाज के लिए कई लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था, लेकिन अब देवघर में भी लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। ऐसे संस्थान क्षेत्रीय विकास और सामाजिक संतुलन को मजबूत करने में भी योगदान देते हैं।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या 380 से बढ़कर 846 हुई

उप राष्ट्रपति ने देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों और मेडिकल सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उनके संबोधन के अनुसार, देश में एमबीबीएस की पढ़ाई कराने वाले मेडिकल कॉलेजों की संख्या पहले 380 थी, जो अब बढ़कर 846 हो गई है। इसी तरह एमबीबीएस की सीटें 51 हजार से बढ़कर 1.39 लाख हो गई हैं। वहीं, स्नातकोत्तर यानी पीजी मेडिकल सीटों की संख्या भी 31 हजार से बढ़कर 86 हजार हो गई है।

उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देश की जनता की बुनियादी जरूरत हैं और इसके लिए चिकित्सा शिक्षा का विस्तार महत्वपूर्ण है।

मेडिकल की पढ़ाई में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी उत्साहजनक

चिकित्सा शिक्षा में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताते हुए उप राष्ट्रपति ने इसे महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण संकेत बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति समाज में सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।

AI कितना भी आगे बढ़े, मानवीय संवेदना जरूरी

तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग का जिक्र करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि आधुनिक तकनीक चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है, लेकिन वह मानवीय स्पर्श और संवेदनशीलता की जगह नहीं ले सकती।

उन्होंने चिकित्सा विद्यार्थियों से मरीजों के प्रति सहानुभूति और सेवा भाव बनाए रखने की अपील की। उनके मुताबिक, उपचार में तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू और तिलका मांझी के योगदान को किया याद

उप राष्ट्रपति ने झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानियों भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू और तिलका मांझी के संघर्ष और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने साहस, स्वाभिमान और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा दी है। उनके योगदान से नई पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए।

इलाज के साथ शोध में भी अहम भूमिका निभा रहा एम्स देवघर

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि एम्स देवघर केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह संस्थान देवघर और झारखंड के साथ-साथ पूरे पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

उन्होंने नर्सिंग और पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की पहली और महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मरीजों की देखभाल और उपचार की प्रक्रिया में उनकी भूमिका बेहद अहम होती है।

विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने की अपील

उप राष्ट्रपति ने बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर आने को अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करने की अपील की और इसके लिए उपस्थित लोगों से तालियां बजाने को कहा। साथ ही, उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

एम्स देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा, देवघर के विधायक सुरेश पासवान, एम्स देवघर की अध्यक्ष एमवी पद्मा श्रीवास्तव और संस्थान के निदेशक सह सीईओ प्रो. डॉ. नितिन एम. गंगने सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।