AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. भाजपा और कांग्रेस पर मुसलमानों को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया है. असदुद्दीन ओवैसी ने BJP और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ही मुसलमानों को बराबरी का राजनीतिक हिस्सेदार मानने के बजाय सिर्फ वोट बैंक और ‘शो-ब्वॉय’ बनाकर रख दिया है.

हैदराबाद के सांसद ने कहा कि भारत में कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमानों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और ताकत हो. 

 AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत में कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमानों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और ताकत हो. उन्होंने कहा कि देश में लगातार सत्ता में आई सरकारों ने मुस्लिम समुदाय को बराबरी का राजनीतिक हिस्सेदार बनाने के बजाय वोट बैंक और ‘शो-ब्वॉय’ तक सीमित कर दिया.

उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थापकों ने हमें संविधान दिया. इस देश का कोई धर्म नहीं होगा. मौलिक अधिकार दिए गए, समानता दी गई. लेकिन जिन पार्टियों ने भारत पर शासन किया, उन्होंने हमें राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल दिया.

उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टियां खुद को सेक्युलर बताती हैं, उनमें भी अल्पसंख्यकों के हक में खड़े होने और उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की ‘बौद्धिक ईमानदारी’ की कमी है. उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ मुस्लिम सांसदों की संख्या का नहीं है, बल्कि इस बात का है कि क्या मुसलमानों को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक आवाज और ताकत तैयार करने का मौका दिया गया है.

AIMIM प्रमुख ने संसद में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि भारत की संसद में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व चार प्रतिशत है, जबकि समुदाय की आबादी करीब 18 करोड़ है. ओवैसी ने पूछा, ‘मेरी राजनीतिक आवाज कहां है? मेरी राजनीतिक ताकत कहां है?’

ओवैसी ने जहां एक ओर BJP को अपने उम्मीदवारों में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व को लेकर निशाना बनाया, वहीं दूसरी ओर खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली पार्टियों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अन्य सामाजिक समूह राजनीतिक नेतृत्व और प्रतिनिधित्व के संस्थान विकसित करने में सफल रहे हैं, जबकि मुसलमानों को ऐसी राजनीतिक ताकत विकसित करने का अवसर नहीं मिला.

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