बरेली. 26 सितंबर 2025 को हुए बरेली बवाल को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बुधवार रात वह इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में राय ने कहा कि बरेली में दंगा हुआ ही नहीं था, बल्कि लोगों ने दंगा होने से बचाया था.
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प्रशासन पर लाठीचार्ज का लगाया आरोप
अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर भीड़ पर लाठीचार्ज कराया. उन्होंने कहा कि लोगों को पीटा गया और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया. राय के मुताबिक, हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों की समझदारी से स्थिति को ज्यादा बिगड़ने से रोका गया.
तौकीर रजा को लेकर सरकार पर निशाना
राय ने कहा कि मौलाना तौकीर रजा फतेहगढ़ केंद्रीय जेल में बंद हैं और उनके साथ जेल में मानसिक प्रताड़ना की जा रही है. उन्होंने सरकार पर तौकीर रजा के परिवार और संगठन को दबाव में लेने के लिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया. राय ने कहा कि कांग्रेस परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें कानूनी मदद भी दी जाएगी.
करीब एक साल बाद परिवार से मिलने पहुंचे
26 सितंबर 2025 की घटना के बाद तौकीर रजा को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेजा गया था. वह अब भी जेल में हैं. सितंबर 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अदालत में अभियोजन ने उन पर भीड़ जुटाने का आह्वान करने का आरोप रखा था.
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बरेली हिंसा पर जारी है सियासी बयानबाजी
अजय राय ने अपने बरेली दौरे को राजनीतिक यात्रा के बजाय परिवार से मुलाकात और उन्हें संबल देने की कोशिश बताया. वहीं, पुलिस की जांच में सितंबर 2026 में भी इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारियां जारी रहीं. पुलिस के मुताबिक, दो अन्य आरोपियों को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है. इस तरह बरेली बवाल को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ कानूनी कार्रवाई भी जारी है.


