लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है. कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के कांग्रेस को लेकर दिए बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया है. दोनों दलों के नेताओं के बयानों से गठबंधन और नेतृत्व को लेकर मतभेद सामने आए हैं.
इसे भी पढ़ें- सत्ता से बेदखल कांग्रेस समेत बाकी…डिप्टी सीएम केशव मौर्य का करारा पलटवार, जानिए चुनाव आयोग को लेकर क्या कहा?
इकरा हसन ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इकरा हसन ने कहा था कि अगर सपा और कांग्रेस का गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस को नुकसान होता, जबकि सपा को इससे कोई खास नुकसान नहीं होता. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी का मुकाबला सपा ही कर सकती है और अखिलेश यादव ही प्रमुख चेहरा हैं.
कांग्रेस नेता हसीब खान का पलटवार
इकरा हसन के बयान पर कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब खान ने पलटवार किया. उन्होंने दावा किया कि अगर कांग्रेस अलग चुनाव लड़ती तो इकरा हसन के लिए भी जीत आसान नहीं होती. हसीब खान ने कहा कि सपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन का लाभ मिला और अकेले चुनाव लड़ने पर कई सीटों के परिणाम अलग हो सकते थे.
चुनावी आंकड़ों का दिया हवाला
हसीब खान ने अपने दावे के समर्थन में चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए अलग-अलग सीटों पर पड़े वोटों का जिक्र किया. चुनाव आयोग के 2024 के आधिकारिक आंकड़ों में उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों और पार्टियों के वोट दर्ज हैं. हालांकि, अलग-अलग गठबंधन परिस्थितियों में चुनाव परिणाम क्या होते, यह केवल मौजूदा आंकड़ों से निश्चित रूप से तय नहीं किया जा सकता.
इसे भी पढ़ें- यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा : 9 लोगों की मौत पर राष्ट्रपति मुर्मू, राजनाथ सिंह और योगी ने जताया दुख, PM ने किया मुआवजे का ऐलान
गठबंधन और नेतृत्व पर बढ़ी बयानबाजी
इकरा हसन और कांग्रेस नेताओं के बयानों के बीच सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. हालिया बयानों में दोनों पक्ष अपने-अपने नेतृत्व और संगठन की भूमिका को प्रमुखता देते नजर आए हैं. कांग्रेस की ओर से विपक्षी एकता पर जोर दिया जा रहा है, जबकि सपा नेताओं की ओर से अखिलेश यादव को यूपी में प्रमुख विपक्षी चेहरा बताया जा रहा है.


