Business Desk :- SME IPO में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो Ajwa Projects Limited का इश्यू चर्चा में है। इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस और हैवी फैब्रिकेशन से जुड़ी कंपनी का IPO 28 अक्टूबर 2026 को खुलने और 30 अक्टूबर को बंद होने वाला है। कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल 38.05 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है।

इसमें नए शेयर जारी करने के साथ प्रमोटर्स की ओर से शेयरों की बिक्री भी शामिल है। निवेश से पहले IPO की तारीखों, न्यूनतम निवेश, कंपनी के कारोबार और वित्तीय आंकड़ों को समझना जरूरी है।

38.05 करोड़ रुपए का है IPO

Ajwa Projects का यह इश्यू फिक्स्ड प्राइस IPO है। इसका कुल आकार 38.05 करोड़ रुपए है। इसमें 30.45 करोड़ रुपए के 15 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमोटर्स 7.60 करोड़ रुपए के 3.74 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेंगे।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी को मिलेगी, जबकि OFS के तहत शेयर बेचने से प्राप्त रकम संबंधित शेयरधारकों को जाती है। इसलिए IPO के दोनों हिस्सों का उद्देश्य अलग-अलग है।

Ajwa Projects IPO की अहम तारीखें

IPO खुलने की तारीख: 28 अक्टूबर 2026
IPO बंद होने की तारीख: 30 अक्टूबर 2026
अलॉटमेंट की संभावित तारीख: 2 नवंबर 2026
लिस्टिंग की संभावित तारीख: 4 नवंबर 2026

लिस्टिंग प्लेटफॉर्म: BSE SME

ये अलॉटमेंट और लिस्टिंग की संभावित तारीखें हैं। निवेशकों को अंतिम कार्यक्रम के लिए आधिकारिक IPO दस्तावेजों और एक्सचेंज की घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।

प्राइस, लॉट साइज और न्यूनतम निवेश

कंपनी ने इश्यू का फिक्स्ड प्राइस 203 रुपए प्रति शेयर रखा है। एक लॉट में 600 शेयर हैं। दिए गए लॉट साइज के मुताबिक, रिटेल निवेशकों को कम से कम 2 लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 2,43,600 रुपए की जरूरत होगी।

HNI यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल कैटेगरी में न्यूनतम 3 लॉट या 1,800 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए कुल 3,65,400 रुपए की राशि बनती है।

यह न्यूनतम निवेश सामान्य SME IPO की तुलना में भी बड़ी रकम है। इसलिए निवेशकों को आवेदन करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि का आकलन करना चाहिए।

क्या कारोबार करती है Ajwa Projects?

साल 2011 में शुरू हुई Ajwa Projects Limited एक मल्टी-डिसिप्लिनरी इंडस्ट्रियल सर्विसेज कंपनी है। यह फैब्रिकेशन, इरेक्शन, पाइपिंग, प्रेशर इक्विपमेंट, प्रीफैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर्स, सिविल कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस जैसी सेवाएं देती है।

कंपनी इंडस्ट्रियल प्लांट्स के लिए हैवी मॉड्यूल्स, गर्डर्स, प्लेटफॉर्म्स और क्रेन गर्डर्स जैसे उपकरण और संरचनाएं तैयार करती है। इसके अलावा, कंपनी रेलवे इंजनों के लिए डीजल इंजन कंपोनेंट्स तथा डिश एंड्स, क्राउन्स और पेटल्स जैसे विशेष पार्ट्स भी बनाती है। इन उत्पादों में तकनीकी सटीकता और तय गुणवत्ता मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है।

कंपनी की कमाई में कितनी बढ़ोतरी हुई?

कंपनी के उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आय 48.56 करोड़ रुपए रही, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 5.42 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू में 32% और टैक्स के बाद मुनाफे में 65% की बढ़ोतरी बताई है।

30 जून 2026 को समाप्त अवधि के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी की कुल एसेट्स 41.97 करोड़ रुपए और नेटवर्थ 19.27 करोड़ रुपए थी। हालांकि, केवल एक साल में मुनाफे की बढ़ोतरी के आधार पर भविष्य की कमाई का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। निवेशकों को कंपनी की ऑर्डर बुक, ग्राहकों पर निर्भरता, नकदी प्रवाह और आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन को भी देखना चाहिए।

IPO से जुटाए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी के मुताबिक, इश्यू से मिलने वाली रकम में से 25.88 करोड़ रुपए का इस्तेमाल अलग-अलग जरूरतों के लिए किया जाएगा। प्लांट, मशीनरी और ट्रांसपोर्ट वाहन या अन्य एसेट्स खरीदने के लिए 8.10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

कर्ज चुकाने या उसका प्री-पेमेंट करने के लिए 9.35 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए 4 करोड़ रुपए इस्तेमाल होंगे। सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए 4.43 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

इस योजना में कर्ज चुकाने और कारोबार के विस्तार के लिए पूंजीगत खर्च दोनों शामिल हैं। इन खर्चों का कंपनी की वित्तीय स्थिति पर वास्तविक असर आगे के नतीजों में दिखाई देगा।

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी कितनी रह जाएगी?

कंपनी के प्रमुख प्रमोटर्स मोहम्मद खुर्शीद आलम खान, जरीनबेगम खुर्शीद आलम खान और रियाज रफीक पडेला हैं। IPO से पहले प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 98.9% बताई गई है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 1.10% थी।

इश्यू पूरा होने के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 65.12% और पब्लिक की हिस्सेदारी बढ़कर 34.88% होने का अनुमान है।

IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर और रजिस्ट्रार

Ajwa Projects IPO के लिए Wealth Mine Networks Limited को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। Kfin Technologies Limited इश्यू का रजिस्ट्रार है, जबकि Prabhat Financial Services Limited मार्केट मेकर की भूमिका निभाएगी।

निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?

Ajwa Projects का IPO निवेशकों को एक छोटी औद्योगिक कंपनी में निवेश का अवसर देता है, लेकिन SME शेयरों में कीमतों का उतार-चढ़ाव और कम लिक्विडिटी जोखिम बढ़ा सकते हैं। आवेदन से पहले कंपनी के आधिकारिक IPO दस्तावेज, वित्तीय विवरण, कारोबार से जुड़े जोखिम और शेयरों की संभावित लिस्टिंग के बाद की मांग को समझना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, निवेश की सलाह नहीं। निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेजों की जांच करें। SME IPO में निवेश जोखिम के अधीन है।