लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) में वापसी के बाद आकाश आनंद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने प्रचार अभियान की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, आकाश आनंद आने वाले दिनों में आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर जनसभाएं कर सकते हैं.

इन सभाओं में पार्टी प्रत्याशियों के नाम घोषित करने और उन्हें जनता के सामने पेश करने की तैयारी है. हालांकि, कार्यक्रमों की तारीख अभी तय नहीं हुई है.

इसे भी पढ़ें- अखिलेश जी, बस एक बात बता दीजिए… 24 लोकसभा चुनाव को लेकर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तंज, पूछे तीखे सवाल

मायावती ने आकाश आनंद को फिर सौंपी जिम्मेदारी

पांच अक्टूबर को पार्टी में वापसी के बाद आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक का पद भी दिया गया. इसके साथ उन्हें पहले मिली जिम्मेदारियां और अधिकार फिर सौंपे गए. सितंबर में मायावती ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को भी पार्टी से बाहर किया गया था. अब वापसी के बाद आकाश आनंद फिर से संगठन और चुनावी गतिविधियों में जुटने की तैयारी कर रहे हैं.

आगरा से उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, आकाश आनंद आगरा में जनसभा कर सकते हैं. यहां एत्मादपुर, फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद जैसी सीटों के प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने की संभावना है. पार्टी ने कई सीटों पर दावेदारों की सूची तैयार कर ली है. बीएसपी ने 16 सितंबर को खेरागढ़ सीट से नीरज रावत को प्रत्याशी घोषित किया था. उस समय आकाश आनंद पार्टी से बाहर थे. अब उनकी वापसी के बाद चुनावी कार्यक्रम फिर तेज होने की उम्मीद है.

पहले भी कर चुके हैं चुनावी जनसभाएं

आकाश आनंद ने इस साल अगस्त में हाथरस की सादाबाद सीट से चुनावी प्रचार की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने गौतम बुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट पर भी जनसभा की. सितंबर में निष्कासन के बाद उनका प्रचार अभियान रुक गया था. अब पार्टी में वापसी के बाद उनके फिर मैदान में उतरने की तैयारी है.

इसे भी पढ़ें- मैं कहीं गायब नहीं हूं… कारोबारी की मौत के आरोपों के बीच श्रद्धा दुबे ने जारी किया वीडियो

नवंबर तक 250 उम्मीदवार घोषित करने की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, बीएसपी अब तक करीब 100 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है. पार्टी नवंबर तक 250 प्रत्याशियों के नाम सामने लाने की योजना पर काम कर रही है. आगरा में दलित, सवर्ण और पिछड़े वर्गों को साधने की रणनीति भी तैयार की जा रही है. हालांकि, आकाश आनंद को मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया जाएगा या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.