मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. यहां उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा में शिरकत की. कथा स्थल पर अखिलेश यादव ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया और व्यास मंच से कथा का सार सुनाया.

अखिलेश यादव ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा हमें यही सिखाती है कि सभी बराबर हैं. समाज में सभी को प्रेम और भाईचारे के साथ रहना चाहिए, किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम ही श्रीकृष्ण हैं और भगवान श्रीकृष्ण ही श्रीराम हैं.” सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता का जिक्र करते हुए अखिलेश ने इसे समाजवादी पार्टी की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अवधारणा से जोड़ा. उन्होंने कहा कि जैसे कृष्ण ने सुदामा जैसे गरीब मित्र को गले लगाया, वैसे ही PDA समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान दिलाने की लड़ाई है.

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अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती दे दी.उन्होंने कहा, “मैंने अयोध्या विधानसभा सीट से पवन पांडेय को प्रत्याशी बनाया है. मैदान खुला पड़ा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में हिम्मत है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं.

अयोध्या के विकास पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या को सिर्फ पर्यटन स्थल बना दिया है, जबकि अयोध्या आस्था का केंद्र और तीर्थ स्थल है. सपा की सरकार बनने पर अयोध्या को वैश्विक स्तर का तीर्थ स्थल बनाया जाएगा और उसका सर्वांगीण विकास किया जाएगा. अखिलेश यादव ने इस दौरान बड़ा चुनावी वादा भी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.