सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सैफई में मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद चुनाव आयोग और बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने, फॉर्म-7 भरवाने और चुनाव में कथित धांधली को लेकर सवाल उठाए.

इटावा. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को सैफई में पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. निर्माणाधीन स्मारक स्थित समाधि स्थल पर नमन करने के बाद उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव में गड़बड़ी कराने के आरोप लगाए.

चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने सवाल किया कि चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाए जाने पर बीजेपी को परेशानी क्यों होती है. नितिन नवीन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इस संदर्भ में कहा, “चोर की दाढ़ी में तिनका.”

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव संविधान की रक्षा के लिहाज से बेहद अहम होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव में कथित धांधली के जरिए जीत हासिल कर रही है.

मतदाता सूची को लेकर आरोप

अखिलेश यादव ने पुलिस पर सादे कपड़ों में लोगों से मतदान कराने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी कार्यालय से फोन कर फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं. फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम हटाने के लिए आवेदन करने में किया जाता है.

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने वालों को भी आगे खुद हटना पड़ेगा. अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर बड़े आंदोलन की बात कही.

संविधान और मतदान के अधिकार का मुद्दा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता के बीच लगातार सक्रिय रहकर ही बीजेपी को हराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि करीब 50 दिन बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख सामने आने की बात है और इस बार का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होगा.

अखिलेश यादव ने आशंका जताई कि यदि बीजेपी फिर सत्ता में आती है तो भविष्य में लोगों का मतदान का अधिकार छिन सकता है और चुनाव कराए जाने की प्रक्रिया पर भी संकट आ सकता है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता और किसान संविधान की रक्षा करेंगे. उन्होंने पीडीए से जुड़े लोगों से एकजुट होकर संविधान बचाने की लड़ाई लड़ने की अपील भी की.