समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दो नए नेताओं को पार्टी में शामिल कराया. इसके साथ ही उन्होंने दोनों नेताओं को आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा.
लखनऊ. शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के कुनबे में नए नेताओं की एंट्री कराई. उन्होंने डॉ. आकाश अग्रवाल और डॉ. संजयन त्रिपाठी को सपा की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि पहले से तय प्रत्याशियों के सहयोग और आपसी सहमति के आधार पर ही इन दोनों नेताओं को चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया गया है.
MLC चुनाव के प्रत्याशी
समाजवादी पार्टी ने दोनों नए नेताओं को विधान परिषद चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. डॉ. आकाश अग्रवाल को आगरा खंड स्नातक क्षेत्र से चुनावी समर में उतारा गया है. वहीं डॉ. संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक क्षेत्र से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया गया है. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एक जुट होकर इन प्रत्याशियों को विजय दिलाने के लिए काम करेंगे.
शिक्षा व्यवस्था और पेंशन पर घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखे हमले बोले. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा का स्तर और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है. इसके साथ ही उन्होंने सरकारी भर्तियों में पक्षपात का मुद्दा भी उठाया. अखिलेश यादव ने भरोसा दिया कि वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों और कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की मांग को पार्टी के आगामी घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना पुनः बहाल की जाएगी.
कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश
अखिलेश यादव ने पार्टी के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं और ‘पीडीए’ रक्षकों को मतदाता सूची को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने के दौरान लगातार अनियमितताओं की शिकायतें आती हैं. इसलिए हर कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर सक्रिय रहकर मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त रखना होगा.

