वाराणसी. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार (3 अक्टूबर) को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे. यहां उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर सरकार से सवाल किए.

उन्होंने कहा कि दालमंडी में लोगों के साथ अन्याय हुआ है. अगर सरकार मेट्रो परियोजना लेकर आती तो वहां बुलडोजर चलाने की जरूरत नहीं पड़ती. राम मंदिर चंदा मामले में संत समिति की ओर से चंपत राय को क्लीन चिट दिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए.

दालमंडी में ध्वस्तीकरण पर सरकार को घेरा

सुंदरपुर में प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने दालमंडी की तस्वीरें दिखाईं. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने वहां 181 मकान और 500 से अधिक दुकानें तुड़वा दीं. उन्होंने कहा कि दालमंडी के लोगों के साथ अन्याय किया गया है. अगर मेट्रो परियोजना पर काम हुआ होता तो इस तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि पहले दालमंडी के लोगों को आपस में लड़वाया गया और फिर उन्हें निशाना बनाकर कार्रवाई की गई. उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का भी जिक्र किया. कहा कि सरकार अदालत के आदेश का पालन नहीं कर रही है. उन्होंने डीएम पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में महंगे वकील को खड़ा करने पर भी सवाल उठाए.

राम मंदिर चंदा मामले में चंपत राय पर सवाल

राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में संत समिति की ओर से चंपत राय को क्लीन चिट दिए जाने पर अखिलेश ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘ऊपर वाला क्लीन चिट कब देगा?’ अखिलेश ने दावा किया कि चंदे में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने सवाल किया कि अगर चोरी नहीं हुई तो सरकार ने एसआईटी क्यों बनाई और कर्मचारियों को जेल क्यों भेजा?

उन्होंने कहा कि उन्हें किसी व्यक्ति के नाम से मतलब नहीं है. सवाल भगवान श्रीराम को चढ़ाए गए चढ़ावे का है. श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ चंदा देते हैं. ऐसे मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए.

खुद को बताया जेन-जी

प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने खुद को जेन-जी बताते हुए कहा, ‘मैं अभी जेन-जी हूं.’ उनके इस बयान की भी चर्चा रही. उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए.

दिवंगत नेता के परिवार से मिले अखिलेश

वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने दिवंगत सपा नेता राजेश यादव नत्थू के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद वह पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के आवास पहुंचे और उनका हाल जाना. अखिलेश शहर उत्तरी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अशफाक अहमद डब्लू के घर भी गए.

वहां उन्होंने उनके भाई के निधन पर शोक जताया. इसके बाद कोतवाली क्षेत्र में कार्यकर्ता लालू यादव के घर पहुंचे. कई जगह पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. सभी कार्यक्रमों के बाद अखिलेश यादव लखनऊ के लिए रवाना हो गए.