अलीगढ़ के अकराबाद में सोमवार रात कौशांबी से फर्रुखाबाद जा रही निजी बस कंटेनर से टकरा गई. हादसे में आठ माह के साहिल की मौत हो गई और 16 यात्री घायल हुए.

अलीगढ़. जिले में अकराबाद क्षेत्र के जीटी रोड पर सोमवार रात करीब ढाई बजे सवारियों से भरी एक निजी बस कंटेनर से टकरा गई. खेड़ा नारायन सिंह गांव के पास हुए इस हादसे में आठ माह के बच्चे की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हो गए. गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

पुलिस के मुताबिक, बस कौशांबी से सवारियां लेकर फर्रुखाबाद जा रही थी. खेड़ा नारायन सिंह गांव के पास किसी वाहन को ओवरटेक करने के दौरान बस अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे कंटेनर से जा भिड़ी. टक्कर इतनी तेज थी कि बस का एक तरफ का आधा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.

आठ माह के बच्चे की मौत

थाना प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में रुखसार, जफर, सद्दाम और आसमा बेगम निवासी कटिया, थाना कंपिल, जिला फर्रुखाबाद तथा जोहरा खुर्शीद और अफरोज निवासी सहमनपुर, थाना गंजडुंडवारा, जिला कासगंज समेत 16 यात्री घायल हुए हैं.

पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने जफर के आठ माह के बेटे साहिल को मृत घोषित कर दिया. बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और अन्य घायलों का उपचार जारी है. कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया.

चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीण

हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई. घायल महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगा रहे थे. उनकी पुकार सुनकर सड़क किनारे घरों में सो रहे ग्रामीण जाग गए और घटनास्थल की ओर दौड़े. हाईवे से गुजर रहे कुछ वाहन भी रुक गए और राहगीरों ने राहत कार्य में मदद की.

टक्कर के बाद बस में कुछ यात्री फंस गए थे. ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला. सूचना मिलने पर अकराबाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और एंबुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल भिजवाया.

हादसे के कारण हाईवे पर एक तरफ का यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य कराया गया.

रोडवेज के रंग में थी बस

हादसे का शिकार हुई बस उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों की तरह रंगी हुई थी. बस के आगे ऊपर कौशांबी लिखा था, जबकि साइड में ‘उत्तर प्रदेश, आपका अपना साथी’ अंकित था. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ निजी बस संचालक यात्रियों को भ्रमित करने के लिए अपनी बसों को परिवहन निगम जैसा रंग-रूप देते हैं.

लोगों के मुताबिक, परिवहन निगम की बसों पर डिपो का नाम भी लिखा होता है, लेकिन इस बस पर कौशांबी के साथ डिपो का नाम नहीं था. उनका यह भी कहना है कि निगम की बसों पर ‘उत्तर प्रदेश’ लिखा होता है, जबकि इस बस पर इसके साथ ‘आपका अपना साथी’ भी दर्ज था.

इससे पहले भी जिले के कासगंज-गंगीरी-छर्रा मार्ग पर परिवहन निगम जैसी दिखने वाली निजी बसों के संचालन का मामला सामने आ चुका है. फिलहाल हादसे में शामिल बस को थाने में खड़ा कराया गया है. थाना प्रभारी के मुताबिक, तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.