अलीगढ़ में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 67 नए अनुबंध डॉक्टरों ने कार्यभार संभाला है. स्वास्थ्य विभाग अब जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो डॉक्टर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है.
अलीगढ़. ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है. जिले में 67 नए अनुबंध चिकित्सकों ने हाल ही में कार्यभार संभाला है, जबकि 28 अनुबंध डॉक्टर पहले से स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं दे रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नए चिकित्सकों के जुड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को डॉक्टर की सलाह और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इसके अलावा 11 डॉक्टर विशेषज्ञ के तौर पर भी सेवाएं दे रहे हैं.
हर पीएचसी पर दो डॉक्टर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह के मुताबिक, जिले के प्रत्येक एफआरयू में फिलहाल पांच चिकित्सक तैनात हैं. वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन से चार डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी न्यूनतम एक डॉक्टर की तैनाती है. विभाग अब प्रत्येक पीएचसी पर दो डॉक्टर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है.
ग्रामीणों को स्थानीय इलाज
डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने की उम्मीद है. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य सामान्य बीमारियों के इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए ग्रामीणों की जिला मुख्यालय या बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम करना है.
पीएचसी पर चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों की जांच, उपचार और जरूरी परामर्श की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है. सीएमओ डॉ. आर.एन. सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है.
विभाग नए डॉक्टरों की तैनाती के साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं की नियमितता और गुणवत्ता की निगरानी पर भी जोर देगा. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इससे जिले की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में मदद मिलेगी.

