तमिलनाडु के थेनी जिले के एक जेल से 17 कैदी फिल्मी अंदाज में फरार हो थे, जिसके बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. रात भर सर्च ऑपरेशन दौरान 4 फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया. बाकी 13 की तलाश की जारी थी. अब सभी कैदियों को दोबारा दबोच लिया गया है. ये सभी तमिलनाडु के थेनी जिले की सब-जेल से फरार हुए थे. भागने के 43 घंटे के अंदर ही सभी को दबोच कर सलाखों के पीछे धकेल दिया गया.

तमिलनाडु के थेनी जिले की सब-जेल से फरार 17 कैदियों ने सिर्फ 1 घंटे के अंदर जेल ब्रेक का प्लान बनाया था. और साथ ही तीसरे घंटे में जेल ब्रेक भी कर दिया.

तमिलनाडु के थेनी जिले में जेल से भागने के बाद पकड़े गए सभी 17 कैदियों को राज्य भर की हाई-सिक्योरिटी जेलों में ट्रांसफर किया जाएगा. पुलिस ने बताया कि बाकी दो भगोड़े, मीनाक्षी सुंदरम और तिरुपति को बुधवार को जेल के पीछे पहाड़ी इलाके से गिरफ्तार किया गया. उन्हें पूछताछ के लिए काना विलक्कू पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि 17 विचाराधीन कैदियों ने भागने के लिए ऐसा तगड़ा प्लान बनाया जो हर किसी के बस की बात नहीं है. उससे भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि प्लान बनाने के तुरंत बाद ही उसका इन सभी ने क्रियान्वयन भी कर दिया. इस प्लान की शुरुआत 26 साल के एक कैदी के आइडिया से हुई, जिसके बाद एक अन्य कैदी ने मिर्गी का झूठा नाटक किया और सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने में सफल हुए.

17 कैदियों को फरारी के 48 घंटे के भीतर फिर से पकड़ लिया गया है. ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में जेल के 9 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. इस बड़ी सुरक्षा चूक के बाद तमिलनाडु जेल विभाग ने राज्य भर की सभी जेलों में सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है.

इस जेलब्रेक का मास्टरमाइंड लूट के मामलों में बंद 26 साल के लिंगा प्रसाद को माना जा रहा है, जो मदुरै का रहने वाला है. उसने जेल स्टाफ का ध्यान भटकाने के लिए मेडिकल इमरजेंसी का झूठा बहाना बनाने का आइडिया दिया था.

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