इजरायली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने अरब बहुसंख्यक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धांधली, घूसखोरी, डराने-धमकाने और हिंसा के आरोप लगाए हैं. इस पर इजरायल पुलिस ने नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के आरोपों को समर्थन देने वाले सबूत मिलने से इनकार किया है. इजरायल चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप और गड़बड़ी के आरोपों की जांच होगी. चुनाव आयोग ने जांच एजेंसी ‘शिन बेट’ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को शक है कि कतर और तुर्किये से इजराइल और वेस्ट बैंक में पैसे भेजे गए. इनका इस्तेमाल अरब नागरिकों की फंडिंग के लिए किया गया.
पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब बहुसंख्यक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धांधली, घूसखोरी, डराने-धमकाने और हिंसा के आरोप लगाए थे. पार्टी ने इसे इजरायल के चुनावी इतिहास में गंभीर गड़बड़ी बताया. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब पार्टियों पर रिश्वत, धमकी और चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं.
इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष ने विदेशी हस्तक्षेप के संदेहों की जांच के लिए शिन बेट प्रमुख को निर्देश दिया है. शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी को एक हफ्ते के भीतर इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
चुनाव खत्म होने के बाद दूसरे दिन भी मतों की गिनती जारी है अब तक 92.6% वोटों की गिनती हुई है. अब तक नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें, जबकि विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं, अरब पार्टियों को कुल 19 सीटें मिलने का अनुमान है.
नेतन्याहू की पार्टी के आरोपो पर इजरायल पुलिस बोली कि चुनाव के दौरान बहुत कम ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे वोटिंग की निष्पक्षता पर सवाल उठता हो. पुलिस ने साफ किया कि उसके पास लिकुड के आरोपों को सही ठहराने वाला कोई जांच या खुफिया सबूत नहीं है.
वहीं, इजराइल में वोट खरीदने के आरोप में राअम पार्टी के 4 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. राअम पार्टी ने गिरफ्तार लोगों को अपना कार्यकर्ता बताया है, लेकिन उन पर लगे आरोपों को खारिज किया है.
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