भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल ने राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ग्रामीण आवास योजनाओं, विशेषकर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया है। बीजेडी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को दरकिनार कर पैसे लेकर अपात्र लोगों को मकान बांटे जा रहे हैं।
बीजेडी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा और बीजू महिला जनता दल की अध्यक्ष स्नेहांगिनी छुरिया ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों से आवास स्वीकृत कराने के नाम पर लगभग 30,000 रुपये तक की रिश्वत मांगी जा रही है। पार्टी का दावा है कि पक्के मकानों और बहुमंजिला इमारतों के मालिकों को पैसे लेकर सूची में शामिल किया जा रहा है, जबकि कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवार इस सुविधा से वंचित हैं।
बीजेडी ने आरोप लगाया है कि स्थानीय बीजेपी नेता आवास योजना के आधिकारिक दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिओ-टैगिंग और लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप कर अपने समर्थकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र से जुड़े एक कथित वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है।
आंकड़ों का हवाला देते हुए बीजेडी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में 1 लाख से अधिक घर स्वीकृत किए गए थे, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण केवल 3,154 घर ही बनकर तैयार हो पाए हैं। इसके अलावा, नियमों का पालन कराने की कोशिश करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर स्थानीय नेताओं द्वारा दबाव बनाने और उन्हें अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।
बीजेडी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिओ-टैगिंग प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप तुरंत बंद हो और रिश्वत मांगने वाले बिचौलियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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