अमेठी के मोहनगंज क्षेत्र में शरद पूर्णिमा मेले में खस्ता खाने के बाद 17 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज तिलोई में भर्ती कराया गया. स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर 102 लोगों की जांच की, जबकि चाट दुकानदार के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किया गया है.
अमेठी. जिले के मोहनगंज क्षेत्र स्थित पूरे कुटिया मजरे कोटवा गांव में शरद पूर्णिमा के मेले में खस्ता खाने के बाद 17 लोगों की तबीयत बिगड़ गई. उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर सभी को मेडिकल कॉलेज, तिलोई में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है. अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत सामान्य बताई गई है.
17 लोगों की तबीयत बिगड़ी
बीमार लोगों में मम्मनगंज मजरे कोटवा के अमरजीत (15), अंकुर (10), अंशुमन (6), शिवांश (14), नैंसी (15), राधिका (14), वंदना (15) और दिव्यांश (3) शामिल हैं. इनके अलावा कोटवा निवासी अरविंद (12), हस्मतुल निशा (18), जितेंद्र (17), अनुज (18), पूरे दान निवासी मनीषा (18), विमला (40), सलोनी (18), गुड़िया (50) और आदर्श (20) की भी तबीयत बिगड़ गई.
ग्रामीणों के अनुसार, धार्मिक स्थल पर आयोजित मेले में चाट की दुकान से खस्ता खाने के बाद लोगों को उल्टी-दस्त होने लगे. एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए. ग्राम प्रधान ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी, जिसके बाद गांव में जांच और उपचार की व्यवस्था की गई.
गांव में स्वास्थ्य शिविर
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिविर लगाया. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अंशुमान सिंह की मौजूदगी में आयोजित शिविर में 102 लोगों की जांच की गई. जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित की गईं और लोगों को खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में निगरानी कर रही है.
दूषित भोजन से खतरा
डॉ. शुभम पांडेय के मुताबिक, दूषित भोजन और खराब गुणवत्ता वाले या बार-बार गर्म किए गए तेल में तैयार खाद्य पदार्थों के सेवन से उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है. उन्होंने खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की स्वच्छता पर ध्यान देने और इस तरह की परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत बताई.
60 साल से लग रहा मेला
धार्मिक स्थल के कर्ताधर्ता रामप्रसाद ने बताया कि उनके पिता के समय से यहां करीब 60 वर्षों से मेला आयोजित किया जा रहा है. वहीं, एसडीएम डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि मेले के आयोजन के लिए अनुमति का आवेदन नहीं दिया गया था.
चाट दुकानदार पर कार्रवाई
एफएसओ एसके चौहान के अनुसार, मेटरवा निवासी राजकुमार और उनके बेटे मोहित मेले में चाट की दुकान लगा रहे थे. राजकुमार के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किया गया है. इसके साथ ही चाट की दुकानों पर तेल की आपूर्ति करने वाले कारोबारी की पहचान करने की प्रक्रिया भी जारी है.

