कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर के लिए बड़ी औद्योगिक खबर है। एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन अब ग्वालियर में आकार लेने जा रहा है। खास बात ये है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के भूमिपूजन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आमंत्रण को अमित शाह ने स्वीकार कर लिया है और 29 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचकर भूमिपूजन समारोह में शामिल होने की सहमति दी है। SADA में बनने वाले इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को ग्वालियर-चंबल में औद्योगिक निवेश और रोजगार के बड़े केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है। प्रोजेक्ट में 5,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं,जबकि 18 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
ग्वालियर में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली बड़ी परियोजना अब जमीन पर उतरने जा रही है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी यानी SADA में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रस्तावित है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल और लगातार प्रयासों के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में 29 अक्टूबर को होने वाले भूमिपूजन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। सिंधिया ने गृहमंत्री अमित शाह को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
24 से ज्यादा वैश्विक कंपनियां होंगी शामिल
इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में सिर्फ टेलीकॉम उपकरण बनाने तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां कंपोनेंट्स निर्माण, डिजाइन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, टेस्टिंग और इनोवेशन से जुड़ा पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर और 5G-6G जैसी उन्नत तकनीकों से जुड़े उद्योगों को भी यहां बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात ये है कि 24 से अधिक वैश्विक कंपनियां भी इस परियोजना के तहत भूमिपूजन में शामिल होने जा रही हैं।
ग्वालियर TMZ PROJECT
5,500 करोड़+
निवेश प्रस्ताव
18,000+
रोजगार की संभावना
24+
वैश्विक कंपनियां
170 एकड़
भूमि
493 करोड़
केंद्र की 100% वित्तीय सहायता
परियोजना के लिए निवेश जुटाने के उद्देश्य से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें और रोड शो किए गए। दिल्ली में करीब 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई, जिससे करीब 14 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। वहीं मुंबई रोड शो में करीब 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश और करीब 4 हजार रोजगार के अवसरों की प्रतिबद्धता मिली।
18 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसरों की संभावना
बेंगलुरु में हुई निवेशक बैठक में भी टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी कंपनियों ने रुचि दिखाई और करीब 700 से 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव सामने आए। इन प्रयासों के बाद TMZ के लिए 5,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव और 18 हजार से अधिक रोजगार के अवसरों की संभावनाएं सामने आई हैं। परियोजना के पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र सरकार 493 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगी। वहीं मध्यप्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए करीब 170 एकड़ जमीन निःशुल्क उपलब्ध कराई है। परियोजना के लिए गठित SPV में मध्यप्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।
ग्वालियर चंबल के लिए बड़ा कदम
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित करने की योजना है। यानी कंपनियों को तैयार बुनियादी ढांचा और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे कम समय में अपनी विनिर्माण गतिविधियां शुरू कर सकें। इस परियोजना को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सिंधिया कर रहे समीक्षा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी परियोजना की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने SADA क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति, निवेशकों की जरूरतों और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की थी। 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी भूमिपूजन होगा। ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि टेलीकॉम निर्माण, तकनीक, निवेश और रोजगार के नए इकोसिस्टम की शुरुआत के तौर पर पेश किया जा रहा है।

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