अमरोहा. उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 22 सितंबर की रात उत्तराखंड के एक विधायक के फार्म हाउस पर हरियाणा की युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. मामले में सीआरपीएफ के निरीक्षक लालाराम यादव, हेड कांस्टेबल मोहित, हसनपुर कोतवाली के दारोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद को निलंबित कर दिया गया है. चारों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है.

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घटनास्थल से जुटाए गए सबूत

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. आरोपियों और पीड़िता के कपड़े DNA मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं. अब पुलिस को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा. एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक, सीआरपीएफ के आईजी ने भी अपने जवानों के निलंबन की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि जांच जल्द ही जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाएगी.

जरूरत पड़ी तो आरोपियों की रिमांड

पुलिस के अनुसार, मामले में जरूरत पड़ने पर आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है. जांच अधिकारी आरोपियों से जुड़े घटनाक्रम, उनके आने-जाने और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रहे हैं. हसनपुर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर अमरपाल सिंह फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं. पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

मेरठ होटल में ठहरने की भी जांच

एसपी के अनुसार, आरोपी अमरोहा पहुंचने से पहले मेरठ के एक होटल में ठहरे थे. अब पुलिस होटल से जुड़े रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच करेगी. होटल में उनके ठहरने के दौरान की गतिविधियों और वहां से मिलने वाले संभावित साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा.

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निलंबित पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच

मामले में चार पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. फोरेंसिक रिपोर्ट और CCTV फुटेज जैसे साक्ष्यों के मिलने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा रहा है. आरोपों की पुष्टि जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर होगी.