अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन को समाजवादी पार्टी का राजनीतिक समर्थन मिला है. सपा नेता सुमैया राणा ने रविवार रात एएमयू कैंपस पहुंचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया.

अलीगढ़. मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है. पिछले 21 सितंबर से कैंपस में चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरने को समर्थन देने के लिए रविवार रात समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा एएमयू परिसर पहुंचीं. उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का पूर्ण समर्थन किया.

सपा का जेन-जी और युवाओं को समर्थन

धरनास्थल पर छात्रों को संबोधित करते हुए सुमैया राणा ने कहा कि उनकी पार्टी देश और प्रदेश के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी जेन-जी और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. छात्रों की उपेक्षा को देखते हुए सपा अब उनके आंदोलन को व्यापक सहयोग देने की रणनीति तैयार कर रही है.

स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रशासनिक संवाद की मांग

सपा नेता ने भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने मांग की कि आंदोलनकारी छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए तत्काल पुख्ता इंतजाम किए जाएं. उन्होंने कहा कि जब वे लखनऊ से छात्रों का हाल जानने आ सकती हैं, तो कैंपस के जिम्मेदार अधिकारियों को भी खुद आकर छात्रों से सीधी बातचीत करनी चाहिए.

आठ सालों से ठप हैं चुनाव

सुमैया राणा ने आरोप लगाया कि एएमयू प्रशासन और सरकार के बीच मिलीभगत चल रही है. उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव न होने के कारण विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व का बड़ा संकट पैदा हो गया है. प्रशासन को तानाशाही छोड़कर वार्ता के जरिए समाधान निकालना चाहिए.

अधिकारों की आवाज दबाने का आरोप

सपा नेता ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के स्थान पर उनके संवैधानिक अधिकारों की आवाज को दबाया जा रहा है. उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय और जौहर विश्वविद्यालय में हुए आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जगह छात्र अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

2027 चुनाव और शिक्षकों की भूमिका

वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सपा-कांग्रेस का 2024 वाला गठबंधन आगे भी बरकरार रहेगा. यह लड़ाई सीटों की नहीं बल्कि भाजपा के खिलाफ मजबूत रणनीति बनाने की है. इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों को अभिभावक की भूमिका याद दिलाते हुए छात्रों की समस्याओं पर उनका ध्यान आकर्षित किया.