शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव की सुगबुगाहट के बीच एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है। देश भर में अपने अनोखे अंदाज में चुनाव लड़ने के लिए पहचाने जाने वाले कांते सयन्ना (Kante Sayanna) ने भी अब मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए फॉर्म ले लिया है। खास बात यह है कि वे इससे पहले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में भी अपनी उम्मीदवारी दर्ज करा चुके हैं।

देश में सब ठीक नहीं, मूलभूत सुविधाओं के लिए जगा रहा हूं जागृति

लल्लूराम डॉट काम और एमपीसी’न्यूज़ 24′ से खास बातचीत करते हुए कांते सयन्ना ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में हालात ठीक नहीं हैं, और वे किसी दल के भरोसे नहीं, बल्कि अपनी जेब से पैसे लगाकर चुनाव में जमानत राशि जमा करते हैं। उनका कहना है कि वे देश के आम नागरिकों में मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों के प्रति एक नई जागृति जगाने के लिए अपना कर्म कर रहे हैं। लोगों द्वारा मजाक उड़ाए जाने और तंज कसे जाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि, “लोग मजाक उड़ाते हैं, बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन मेरा काम सिर्फ अपना काम करना है। मुझे परिणाम की कोई चिंता नहीं है।”

विधायकों के समर्थन की चुनौती, पर उम्मीद बरकरार

नियमों के मुताबिक राज्यसभा चुनाव में नामांकन दर्ज कराने के लिए कम से कम 10 विधायकों के प्रस्तावक होना जरूरी है। इस पर सयन्ना का कहना है कि वे इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन जनता को यह बात समझ आएगी और देश का लोकतंत्र राजनीतिक दलों के चंगुल से बाहर निकलेगा, तभी सही मायनों में लोकतंत्र का सवेरा होगा। कांते सयन्ना का अब तक का चुनावी सफर यह बताता है कि वे देश के 10 से अधिक राज्यों में 50 से ज्यादा चुनाव लड़ चुके हैं। मध्य प्रदेश के इस राजनीतिक गलियारे में इस निर्दलीय और अनोखे दावेदार की चर्चा अब जोरों पर है।

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