पटना। अनंत सिंह हाल ही में पटना से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जिसके दौरान उनके काफिले और रोड शो ने राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा बटोरी है। उनके इस दौरे को केवल एक निजी कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि संभावित आत्मसमर्पण (सरेंडर) से ठीक पहले एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। पटना से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक उनके समर्थकों में भारी जोश और उत्साह देखने को मिला।
प्रयागराज यात्रा और निजी कारण
पटना से रवाना होते समय मीडिया से बातचीत करते हुए अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह से एक पारिवारिक और व्यक्तिगत कार्यक्रम के तहत है। उन्होंने बताया कि वे प्रयागराज अपने पुराने और करीबी मित्र पप्पू सलमान के घर एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके समर्थक केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में मौजूद हैं और उनका यह स्नेह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

रास्ते में भव्य स्वागत और काफिला
यात्रा के दौरान अनंत सिंह के काफिले में 100 से अधिक गाड़ियां शामिल थीं। रास्ते में बक्सर और आरा समेत कई प्रमुख स्थानों पर उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। बक्सर में उनके प्रशंसकों ने उन्हें चांदी का एक भव्य मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। वहीं, जब आरा में पत्रकारों ने उनसे पूछा कि वहां आकर उन्हें कैसा महसूस हो रहा है, तो उन्होंने बेहद संक्षेप में जवाब देते हुए कहा कि खूब बढ़िया लग रहा है। इस दौरान उनके समर्थकों की भीड़ ने हर जगह उनके पक्ष में जोरदार नारेबाजी भी की।
विधानसभा सदस्यता और नोटिस पर प्रतिक्रिया
इस सफर के दौरान अनंत सिंह की कानूनी और राजनीतिक स्थिति से जुड़ा सवाल भी सामने आया। दरअसल, बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से उन्हें सात दिनों के भीतर उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के मामले में स्पष्टीकरण या जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया गया है।
इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि वे फिलहाल शादी समारोह में शामिल होने जा रहे हैं और लौटने के बाद ही इस नोटिस का जवाब देंगे। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ यह भी जोड़ा कि वे पहले अपने जरूरी कार्यों को पूरा करेंगे और उसके बाद तय समय सीमा या उसके आसपास अपना जवाब सौंप देंगे, जिससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
इस प्रकार, अनंत सिंह की यह प्रयागराज यात्रा एक तरफ जहां निजी मेल-मिलाप का हिस्सा रही, वहीं दूसरी तरफ इसने सियासी गलियारों में एक बार फिर उनकी ताकत और जनसमर्थन की गूंज पैदा कर दी है।

