मोकामा। बिहार की राजनीति में छोटे सरकार के नाम से मशहूर मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ा ऐलान कर दिया है। लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह का अगला कदम क्या होगा लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे खुद चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे। उनकी जगह अब उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह मोकामा की राजनीतिक विरासत को संभालेंगे।
राजनीतिक उत्तराधिकार का ऐलान
बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी प्रखंड सभागार में आयोजित जदयू कार्यकर्ता सम्मान समारोह के दौरान अनंत सिंह ने अपने बेटे अभिषेक को मंच पर पेश करते हुए यह घोषणा की। अनंत सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी मोकामा की कमान संभाले। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे जनता से पूरी तरह दूर नहीं होंगे और जब भी क्षेत्र की जनता को उनकी जरूरत होगी वे हमेशा उपलब्ध रहेंगे। समस्याओं को लेकर उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और मोकामा के मुद्दों पर काम जारी रहेगा।
अभिषेक की पहली प्रतिक्रिया और विजन
पिता के ऐलान के बाद अभिषेक सिंह ने जनता के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा मैं अगले 4-5 वर्षों तक मोकामा की जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को करीब से समझूंगा और सेवा करूंगा। अगर जनता को मुझमें काबिलियत दिखी और वे मुझे सक्षम मानेंगे, तभी मैं चुनावी मैदान में उतरूंगा। अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि मोकामा में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उनकी मुख्य प्राथमिकता होंगी।
बाहुबली से छोटे सरकार तक का सफर
अनंत सिंह का मोकामा की राजनीति में उदय किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। शुरुआती दिनों में अपने भाई की हत्या का बदला लेने के बाद वे सुर्खियों में आए थे। धीरे-धीरे उन्होंने मोकामा क्षेत्र में अपनी ऐसी पैठ बनाई कि उन्हें छोटे सरकार कहा जाने लगा। अपने कड़े तेवर और जन-कनेक्ट के कारण वे दशकों से मोकामा की राजनीति के केंद्र बने रहे। अब देखना यह है कि क्या उनका बेटा अभिषेक अपने पिता की इस छवि को नई राजनीतिक दिशा दे पाएगा या नहीं। यह बदलाव मोकामा की आगामी राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

