मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर अपर्णा यादव ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर भंडारे का आयोजन किया और परिवार के साथ लोगों को प्रसाद वितरित किया. उन्होंने कहा कि नेताजी से जनता की सेवा करने की सीख मिली है और पारिवारिक दायित्वों के कारण वह सैफई के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं.

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर 10 अक्टूबर को अपर्णा यादव ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर भंडारे का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने परिवार और अपनी दोनों बेटियों के साथ लोगों को प्रसाद वितरित किया. अपर्णा यादव ने कहा कि नेताजी ने हमेशा लोगों की सेवा करने की सीख दी और उनके बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.

भोजन कराना बड़ी सेवा

अपर्णा यादव ने मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृति में भंडारा आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि लोगों को भोजन कराना सेवा का सबसे बेहतर तरीका है और इसी भावना के साथ यह आयोजन किया गया.

उन्होंने कहा कि नेताजी की याद उन्हें हमेशा आती है और ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता, जब वह उन्हें याद नहीं करती हों. उनके मुताबिक, मुलायम सिंह यादव ने अच्छे काम करने और जनता की सेवा करने की जो सीख दी, उसे वह अपने जीवन में अपनाने का प्रयास कर रही हैं.

नेताजी को बताया आदर्श

अपर्णा यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन के साथ उनके सामाजिक जीवन से भी बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने नेताजी को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि उनके विचार और लोगों की सेवा का संदेश आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.

सैफई नहीं पहुंचने की वजह

सैफई में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के सवाल पर अपर्णा यादव ने बताया कि वहां बड़ा कार्यक्रम था, लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हो सकीं. उन्होंने कहा कि उनकी माताजी और पति प्रतीक यादव का श्राद्ध करना था, इसलिए सैफई जाना संभव नहीं हो पाया.

अपर्णा यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने अपने जीवन में जो आदर्श स्थापित किए और जनता की सेवा का जो संदेश दिया, वह उनके लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा. उनके अनुसार, नेताजी से मिली सीख को जीवन में अपनाना और आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.