अभिषेक सेमर, तखतपुर। मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत भीमपुरी में ग्रामीणों को डिजिटल और शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वीकृत अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निर्माण निर्धारित स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर आश्रित ग्राम राम्हेपुर में कराए जाने का मामला सामने आया है। स्वीकृत स्थल से हटकर निर्माण किए जाने को लेकर अब प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निर्माण ग्राम पंचायत भीमपुरी के पंचायत भवन परिसर में प्रस्तावित था। आरोप है कि निर्धारित स्थल पर निर्माण कराने के बजाय बिना विधिवत स्थल परिवर्तन की संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति के राम्हेपुर में भवन का निर्माण करा दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किस आदेश या अनुमति के आधार पर स्वीकृत स्थल को बदलकर दूसरे गांव में निर्माण कराया गया।

ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा खामियाजा

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव में ही विभिन्न डिजिटल और शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। ऐसे में केंद्र के दूसरे गांव में बनाए जाने से भीमपुरी के ग्रामीणों को आधार संबंधी कार्य, राशन कार्ड, पेंशन, जॉब कार्ड समेत अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए करीब दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब केंद्र की स्वीकृति भीमपुरी के लिए दी गई थी, तो उसे दूसरे गांव में बनाने से योजना के मूल उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा होता है।

उप अभियंता की भूमिका भी सवालों के घेरे में

मामले में निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले उप अभियंता की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि प्रशासकीय स्वीकृति भीमपुरी में निर्माण के लिए थी, तो स्थल परिवर्तन की सक्षम स्तर से अनुमति लिए बिना राम्हेपुर में निर्माण कैसे शुरू कराया गया? यह भी जांच का विषय है कि निर्माण से पहले स्थल का सत्यापन किया गया था या नहीं। यदि स्थल सत्यापन किया गया था, तो स्वीकृत स्थल से अलग स्थान पर निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई।

जांच में सामने आ सकती है पूरी प्रक्रिया

मामले को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की है। इसमें प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, स्थल परिवर्तन संबंधी आदेश और कार्यादेश की जांच शामिल है। यदि बिना आवश्यक अनुमति के स्थल परिवर्तन कर निर्माण कराया जाना पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका की भी जांच की जरूरत होगी।

अधिकारी बोले- स्थल परिवर्तन के लिए सक्षम अनुमति जरूरी

रघुवीर सिंह, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा ने कहा कि स्वीकृत स्थल में परिवर्तन करना नियमानुसार उचित नहीं है। यदि भवन का स्थल परिवर्तन किया गया है तो इसके लिए सक्षम स्तर से नियमानुसार अनुमति लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मामले की फाइल की स्वयं जांच करने के साथ ही मौके का निरीक्षण किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य नियम विरुद्ध पाया जाता है तो उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जनपद सदस्य ने जताई आपत्ति

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के निर्माण को लेकर जुनापारा क्षेत्र के जनपद सदस्य श्याम सिंह ध्रुव ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि केंद्र का निर्माण प्रस्तावित स्थल से हटकर किए जाने की बात सामने आई है, जो ग्रामीणों के हित में उचित नहीं है। श्याम सिंह ध्रुव के मुताबिक, केंद्र का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव के नजदीक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि इसे प्रस्तावित स्थल से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर बनाया गया है, तो ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि यदि बिना सक्षम अनुमति के स्थल परिवर्तन कर निर्माण कराया गया है तो पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। साथ ही, स्थल परिवर्तन नियम विरुद्ध पाए जाने पर केंद्र को निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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